चरखी दादरी। परमिट लिए बिना ही प्राइवेट बसों को रूटों पर दौड़ाया जा रहा है। इसका पता तब लगा जब मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की अगुवाई में चेकिंग अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने बिन परमिट रोहतक रूट पर चलती एक बस पकड़ी, जिसे आरटीए टीम ने जब्त कर लिया। इसके अलावा छह और बसों की जांच की गई। खामियां मिलने पर सातों बसों पर जुर्माना भी लगाया गया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि दादरी से झज्जर और दादरी से रोहतक रूट पर दूसरे रूटों की प्राइवेट बसें चलाई जा रही हैं। इस सूचना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री उड़नदस्ता 8 अगस्त की सुबह दादरी पहुंचा। यहां से गुप्तचर विभाग और आरटीए टीम को साथ लेकर कार्रवाई शुरू की गई। टीम सुबह 9 बजे रावलधी चौक पर पहुंची और यहां से झज्जर और रोहतक रूट पर चलने वालीं प्राइवेट बसों को रुकवाकर जांच की। टीम यहां 10:10 तक रुकी और 70 मिनट के अंदर सात बसें रुकवाई गईं।
आरटीए विभाग से टीएसआई जगबीर सिंह ने दादरी-रोहतक रूट पर चलने वालीं चार बसों को जांच के लिए रुकवाया। इसके अलावा दादरी-झज्जर रूट पर चलने वालीं तीन बसों की भी चेकिंग की। इस दौरान दादरी-रोहतक रूट पर चलने वाली एक प्राइवेट बस को जब्त किया गया। इस बस का चालक रूट का परमिट नहीं दिखा सका। बताया जा रहा है कि चालक के पास दूसरे रूट का परमिट था और वो नियमों के विरुद्ध बस को दूसरे रूट पर दौड़ा रहा था।
- छह बसों में भी मिली खामी
चेकिंग मुहिम के दौरान एक बस जहां बिन परमिट के पकड़ी गई तो वहीं छह अन्य बसों में भी कोई न कोई खामी मिली। इसके चलते आरटीए टीम ने सख्ती बरतते हुए सभी सातों बसों पर साढ़े 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। सुबह के समय की गई कार्रवाई का असर प्राइवेट बस संचालकों में शाम तक देखने को मिला।
- नियमों के विरुद्ध बैठाते हैं सवारी
प्राइवेट बस संचालक आरटीए विभाग के साथ यातायात नियमों को भी ताक पर रखते हैं। खासकर दोपहर को स्कूल व कॉलेजों की छुट्टी के समय निर्धारित सीमा से अधिक सवारियां बस में बैठाते हैं। प्राइवेट बसों की छतों और पायदान पर भी लोग यात्रा करते हैं, लेकिन ऐसा करने से उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की अगुवाई में मंगलवार सुबह 9 बजे से 10:10 तक प्राइवेट बसों की जांच की गई। एक बस बिन परमिट के चलते पाई गई जबकि 6 अन्य बसों में भी कोई न कोई खामी पाई गई। बिन परमिट के चल रही बस को जब्त किया गया, जबकि अन्य बसों पर साढ़े पच्चीस हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
जगबीर सिंह, टीएसआई, आरटीए विभाग