संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के 116 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इन आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया जा चुका है। जल्द ही ये केंद्र नए लुक में नजर आएंगे। मौजूदा समय की बात करें तो जिले में 124 प्ले स्कूल संचालित हैं। 116 केंद्रों को स्वीकृति मिलने के बाद जिले में प्ले स्कूल की संख्या 240 हो जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यकारी जिला परियोजना अधिकारी गीता सहारण ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिले के 116 आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। आंगनबाड़ी वर्कर्स की कार्यप्रणाली का भी चयन में अहम रोल रहा है। उन्होंने बताया कि इन प्ले स्कूलों में प्री नर्सरी, नर्सरी और केजी तक की कक्षा की पढ़ाई करवाई जाएगी।
जिले में 634 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से बाढड़ा खंड में 206, दादरी-प्रथम खंड में 233 और दादरी-द्वितीय खंड में 195 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग 124 आंगनबाड़ी केंद्रों को पहले ही प्ले स्कूल में अपग्रेड कर चुका है। अब 116 केंद्रों को अपग्रेड करने की सूची तैयार कर विभाग ने स्वीकृति के लिए फाइल मुख्यालय भेजी है। जल्द ही इसे स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में एक जैसा पाठ्यक्रम तो प्ले स्कूल में कक्षावार अलग-अलग
आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 साल तक के बच्चों को एक जैसा पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। प्ले स्कूल में पढ़ाई का पैटर्न अलग है। यहां तीन से चार साल तक के बच्चे को अलग और 4 से पांच साल तक के बच्चे को अलग पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्र के बजाय प्ले स्कूल में विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं ज्यादा है।
वर्करों को तीन चरणों में दिया जाएगा प्रशिक्षण
प्ले स्कूल अपग्रेड के लिए चुने गए आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्करों को तीन चरणों में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग 18 बैच बनाए जाएंगे और प्रत्येक बैच को 5-5 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में मास्टर ट्रेनर वर्कर्स को प्रशिक्षण देंगे और अध्ययन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी उन्हें देंगे। एक प्ले स्कूल में दो वर्कर की तैनाती की जाएगी।
वर्जन:
जिले में फिलहाल 124 प्ले स्कूल चल रहे हैं जबकि 116 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में अपग्रेड करवाने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जा चुकी है। जल्द ही इसे स्वीकृति मिलने का इंतजार है। - गीता सहारण, सीडीपीओ, चरखी दादरी