संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर की आधे से अधिक आबादी को पेयजल सप्लाई करने वाले चंपापुरी जलघर के टैंक खाली होने के कगार पर पहुंच गए हैं। मजबूरीवश विभाग शहरवासियों को ट्यूबवेल मिक्स पानी की आपूर्ति कर रहा है। यह पानी पीने लायक नहीं है। इसके चलते लोग पानी खरीदकर प्यास बुझाने को विवश हैं। वहीं, नहरों में पानी 22 फरवरी तक पहुंचेगा। ऐसे में अगले चार दिन और शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
चंपापुरी जलघर में चार टैंक बने हुए हैं। दो रिजर्व टैंकों की हालत जर्जर है। इसके चलते इन्हें नहरी पानी से नहीं भरा जाता। दो टैंकों में पानी का भंडारण किया जाता है। फिलहाल चंपापुरी जलघर के दोनों टैंक खाली होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसके चलते विभाग 8 बोरिंग ट्यूबवेलों का सहारा लेने को विवश है।
वैसे भी चंपापुरी जलघर की भंडारण आबादी की खपत के लिहाज से काफी कम है और ऊपर से दो टैंक क्षतिग्रस्त होने से व्यवस्था और प्रभावित हो रही है। आने वाले समय में गर्मी बढ़ने से पानी की खपत और बढ़ेगी। ऐसे में दोनों क्षतिग्रस्त टैंकों को ठीक करवाना जरूरी है। अगर विभागीय अधिकारियों ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो फिर शहरवासियों को आने वाले समय में भी पेयजल संकट से दो-चार होना पड़ेगा।
10 साल से एक दिन छोड़कर हो रही आपूर्ति
शहर के जलघरों में पेयजल भंडारण क्षमता आबादी के अनुरूप नहीं है। इसके चलते पिछले 10 सालों से शहरी कॉलोनियों में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति हो रही है। विभाग भंडारण क्षमता बढ़ाने की परियोजना पर जल्द ही काम शुरू करवाने की तैयारी में है।
850 क्यूसेक पानी मिलने की उम्मीद
सिंचाई विभाग के एसडीओ हरबीर सिंह ने बताया कि 21 फरवरी को खूबडू हेड से पानी छोड़ा जाएगा। 22 फरवरी तक जिले की नहरों में पानी पहुंचेगा और इसके बाद तालाब व जलघरों तक पानी पहुंचाना प्राथमिकता रहेगी। एसडीओ ने बताया कि इस टर्म पर जिले को करीब 850 क्यूसेक पानी मिलने की उम्मीद है।
दोनों जर्जर टैंकों की मरम्मत का टेंडर जारी हो चुका है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। नहरी पानी पहुंचते ही जलघर टैंकों को प्राथमिकता से भरा जाएगा और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति की जा रही है। - सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग