चरखी दादरी। शहर के रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग की बदहाल हालत वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। मार्ग के लगभग आधा किलोमीटर हिस्से में सैकड़ों गहरे गड्ढे हैं। इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों को हर समय हादसे का डर रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही से समस्या बढ़ रही है।
सड़क से वाहन गुजरने पर धूल के गुबार उठते हैं। इससे सामने से आने वाले वाहनों को देखना मुश्किल हो जाता है। लोक निर्माण विभाग समय-समय पर अस्थायी मरम्मत कराता है। परंतु यह मरम्मत ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्थायी मरम्मत के कुछ घंटे बाद ही सड़क फिर से उखड़ने लगती है।
कई स्थानों पर गड्ढे दोबारा गहरे हो जाते हैं। उनमें सड़क की बजरी व अन्य सामग्री बिखरी नजर आती है। लोग बार-बार किए जा रहे अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी मरम्मत की मांग कर रहे हैं। रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं।
आरओबी की स्थिति पर चिंता
लिंक मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आरओबी पर भी दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों को पुल पर भारी वाहनों की बढ़ती संख्या से चिंता है। उनका कहना है कि पुल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। संबंधित विभागों को सड़क और आरओबी की तकनीकी जांच करवानी चाहिए। इससे किसी भी गंभीर समस्या से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
धूल के गुबार से परेशानी
सड़क पर बने गड्ढों के साथ उड़ती धूल वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या है। भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क से धूल के गुबार उठते हैं। इससे आसपास का वातावरण धूल से भर जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी होती है। धूल के कारण सामने से आ रहे वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मार्ग की स्थिति का निरीक्षण करने को कहा है। उन्होंने स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की केवल ऊपरी मरम्मत न हो। इसकी मजबूती के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय किए जाएं। साथ ही ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी कि समय रहते मरम्मत न हुई तो समस्या गंभीर हो सकती है।
सड़क पर पेचवर्क करवाने के लिए एजेंसी को बोला गया है। जल्दी ही सड़क के बीच बने गड्ढों को भवन निर्माण सामग्री डाल कर भरवाए जाएंगे।
- गुरचरणसिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।