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Dadri: बिरहीकलां में पर्यटन स्थल व पक्षी विहार विकसित करने की संभावना, टीम को मिले 44 प्रजातियों के पक्षी

Wed, 12 Feb 2025 04:58 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी (हरियाणा)

सार

पक्षी विशेषज्ञ ने बताया कि तीन प्रजातियां ऐसी हैं जो विलुप्त होने के कगार पर हैं और उनके संरक्षण के लिए कानून भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि यहां पाए गए पक्षियों की प्रजातियों को देखते हुए प्रदेश स्तरीय पर्यटक स्थल भी बनाया जा सकता है।
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44 प्रजातियों के पक्षी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सेम समस्या से ग्रस्त 75 एकड़ जमीन पर पर्यटन स्थल और पक्षी विहार विकसित करने की संभावना तलाशने संयुक्त टीम बुधवार सुबह बिरहीकलां गांव पहुंची। टीम में वन्य प्राणी एवं जीवन विभाग, पक्षी विशेषज्ञ और वन विभाग के अधिकारी शामिल रहे। खास बात यह है कि टीम को मौके पर 44 प्रजातियों के पक्षी मिले जिनमें से 19 विदेशी हैं। इतना ही नहीं तीन प्रजातियां ऐसी पाई गईं जो विलुप्त होने के कगार पर हैं।

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बता दें कि बिरहीकलां गांव एनएच-334 बी पर स्थित है। इस गांव में करीब 75 एकड़ जमीन पर सेम की समस्या बनी है। यहां जलभराव होने पर हर साल विभिन्न प्रदेशों और देशों से पक्षी आते हैं। बुधवार सुबह क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए पक्षी विशेषज्ञ टीके रॉय के साथ वन्य प्राणी एवं जीव विभाग और वन विभाग के अधिकारी यहां पहुंचे। टीम को यहां काफी संख्या में पक्षी मिले। इनकी गिनती की गई तो कुल 44 प्रजातियों के पक्षी यहां मिले।
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पक्षी विशेषज्ञ ने बताया कि तीन प्रजातियां ऐसी हैं जो विलुप्त होने के कगार पर हैं और उनके संरक्षण के लिए कानून भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि यहां पाए गए पक्षियों की प्रजातियों को देखते हुए प्रदेश स्तरीय पर्यटक स्थल भी बनाया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान होंगे और विलुप्त होती प्रजातियों के पक्षियों का भी संरक्षण हो सकेगा।

यूरोप और एशिया के देशाें के पक्षी ज्यादा

निरीक्षण के दौरान टीम को यहां 25 भारतीय और 19 विदेशी प्रजातियों के पक्षी मिले। टीम सदस्यों ने बताया कि अधिकतर विदेशी प्रजातियां यूरोप और एशिया के देशों की मिली हैं। पक्षी विशेषज्ञ टीके रॉय ने बताया कि यूरेशियन स्पूनबिल, ब्लैक हैडिड और पेटेंट स्टार्क नामक प्रजातियों के पक्षी लगातार विलुप्त होते जा रहे हैं। इनका संरक्षण करने के लिए भारत सरकार की और से कानून भी बनाए गए हैं। इन प्रजातियों के पक्षी विशेष संरक्षण पार्कों में ही पाए जाते हैं।
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ग्रामीण बोले: सर्दी में अधिक होते हैं पक्षी

बिरहीकलां के पंच राजबीर सिंह जांगड़ा ने बताया कि जनवरी माह के दौरान यहां अनेक प्रकार के पक्षियों का जमावड़ा बना रहता है। अब मौसम साफ होने के चलते अधिकतर विदेशी पक्षी यहां से चले गए हैं। अगर टीम पहले यहां आती तो और अधिक प्रजातियों के पक्षी यहां मिलते। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस जमीन पर नेशनल पार्क बनाने की मांग की है।

ये अधिकारी पहुंचे निरीक्षण करने
बिरहीकलां क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए वन्य प्राणी संरक्षण प्रभारी सोनू कुमार, पवन कुमार, वन विभाग रेंज अधिकारी हेमंत पारिक,उप निरीक्षक मनजीत कुमार, जैव विविधता कॉर्डिनेटर बतीता श्योराण ने पक्षी संरक्षण के लिए नमीयुक्त जमीन का निरीक्षण किया।

एक माह में भेजी जाएगी रिपोर्ट
जिला जैव विविधता कॉर्डिनेटर बबीता श्योण ने बताया कि गांव बिरहीकलां में मिले देशी व विदेशी पक्षियों और यहां के वातारण की रिपोर्ट तैयार कर एक माह के अंदर वन्य जीव संरक्षण विभाग के पास भेजी जाएगी, ताकि विभाग के अधिकारी आगामी प्रक्रिया अमल में ला सके।
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