संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के गांव इमलोटा निवासी एक किसान के साथ साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने परिचित का बेटा बनकर चार लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। मामले में दादरी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव इमलोटा निवासी सत्यनारायण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसने बताया कि 9 जनवरी को उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को उसके परिचित का बेटा सन्नी बताते हुए कहा कि वह उसके बैंक खाते में आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर रहा है। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक बैंक ट्रांसफर की फर्जी रसीद भी भेज दी और कहा कि शाम तक रुपये खाते में जमा हो जाएंगे।
सत्यनारायण ने बताया कि कुछ समय बाद एक दूसरे मोबाइल नंबर से फिर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को वही सन्नी बताते हुए कहा कि उसे अचानक तीन लाख रुपये की जरूरत पड़ गई है और एक बैंक खाते का नंबर देकर उसमें रुपये भेजने को कहा। आरोपी की बातों में आकर सत्यनारायण ने अपने दोस्त की मदद से तीन लाख रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर करवा दिए।इसके बाद 12 जनवरी की सुबह करीब साढ़े 10 बजे फिर कॉल आई और आरोपी ने जल्दबाजी दिखाते हुए एक लाख रुपये और भेजने को कहा।
इस बार सत्यनारायण ने अपने पड़ोसी के माध्यम से फोन-पे के जरिए एक लाख रुपये भेज दिए। इस तरह आरोपी ने कुल चार लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। सत्यनारायण ने बताया कि 12 जनवरी को दोपहर करीब तीन बजे जब वह बैंक पहुंचा और अपने खाते में आठ लाख रुपये जमा होने की जानकारी ली तो बैंक कर्मियों ने बताया कि उसके खाते में ऐसी कोई राशि नहीं आई है।
तब उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत साइबर क्राइम थाना दादरी में शिकायत दर्ज करवाई।पुलिस का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान के लिए कॉल डिटेल, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या व्हाट्सएप संदेश पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि के किसी को भी पैसे ट्रांसफर न करें।