चरखी दादरी। जनप्रतिनिधि सीवरेज और स्ट्रॉम वाटर परियोजना के लिए करोड़ों का बजट सरकार की तरफ से जारी करने का दम तो भरते हैं, लेकिन धरातल पर काम नहीं करवाया जाता। ये हम नहीं, बल्कि जलभराव झेलनी वाली शहर की जनता कह रही है। अमर उजाला की जनमंच पहल के जरिये शहरवासियों ने खुलकर अपनी बात रखी। शहरवासियों का कहना है कि नेताओं में विकास कार्याें का श्रेय लेने की होड़ है जबकि अधिकारियों के पास शहर को जलभराव से बचाने का कोई तोड़ (उपाय) नहीं है।
दरअसल, दादरी शहर की सीवर व्यवस्था चौपट है। आलम ये है कि अगर 20 एमएम बारिश भी हो जाए तो बाजार में दो से ढाई फुट पानी भर जाता है जिसकी एक सप्ताह तक भी निकासी नहीं हो पाती। इस मानसून सीजन में दो बार ऐसा हो चुका है। आक्रोशित व्यापारी बाजार तक बंद कर चुके हैं। जनआंदोलन के चलते प्रशासन ने बाजार से तो पानी जैसे-तैसे निकलवा दिया लेकिन रोहतक रोड और रेस्ट हाउस रोड पर अभी भी पानी भरा है। इतना ही नहीं कई वार्डाें में सीवर व्यवस्था जवाब दे गई है। जिससे गलियों में दूषित व बदबूदार पानी अभी तक भरा है।
शहर की मुख्य सीवर लाइनें जवाब देने के बाद से ज्यादातर हिस्से में पानी की निकासी ओपन पाइप लाइनों के जरिये की जा रही है। कहीं ड्रेन में तो कहीं नहरों में पानी की निकासी की जा रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी वर्किंग में नहीं हैं। जिनके कारण शहरवासी हर साल जलभराव की परेशानी झेलते हैं।
- सीवरेज का ढांचा हो ठीक तो सुधरे हालात
शहर के लोगों को हर साल जलभराव की समस्या झेलनी नहीं पड़े इसके लिए विशेष मास्टर प्लान पर काम करने की जरूरत है। जलभराव से व्यापारियों को मोटा नुकसान हो रहा है। सीवरेज की मेन लाइनों को नया रूप देने की जरूरत है ताकि शहर से पानी एसटीपी तक आसानी से पहुंच सके। एसटीपी से भी पानी का नियमित रूप से उठान होता रहे तो दिक्कत नहीं आएगी।
रविंद्र सिंह गुप्ता, संरक्षक, नगर व्यापार मंडल
- सीसीआई की 200 एकड़ जमीन पर निकाल दिया सीवर का पानी
इस समय शहर से पानी निकासी के लिए रोहतक रोड होते हुए लोहारू नहर तक एक और पाइप लाइन डालनी चाहिए ताकि बारिश का सीजन जैसे तैसे बीत जाए। हम विभाग की मदद करने को तैयार हैं। लोगों के सहयोग से विभाग के लिए बजट की भी व्यवस्था करवाई जा सकती है। सीसीआई की 200 एकड़ से अधिक जमीन को अधिकारियों ने मिलकर दूषित पानी से लबालब कर दिया।
मुनेश दहिया, पार्षद, वार्ड-2
- एसटीपी हो अपग्रेड, बदली जाएं सीवर लाइनें
शहर के लोगों को जलभराव की समस्या से स्थायी तौर पर छुटकारा मिलना चाहिए। इसके लिए विशेष मास्टर प्लान ही कारगर साबित हो सकती है। मेन लाइनों को बदलने करने की जरूरत है। इसके अलावा विभाग को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेड करने चाहिए। एसटीपी पर पानी का उठान और आगे निकासी के प्रबंध हो तो शहरवासियों को समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी।
-बलराम गुप्ता, जिला प्रधान, अग्रवाल सभा
सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की दरकार
सबसे पहले सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत है। ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे शहर में बारिश के पानी की एक बूंद न ठहरने पाए। इसके लिए एसटीपी तक मेन लाइनें बड़े आकार की हो और बड़ी क्षमता की मोटरों के जरिये पानी का उठान हो। एसटीपी से ड्रेन आठ तक नियमित रूप से पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी होनी चाहिए। व्यापारी जलभराव से बेहद परेशान हैं।
-रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी एसोसिएशन
एसटीपी वर्किंग में है और ड्रेन नंबर आठ में बारिश के पानी की निकासी की जा रही है। दो लाइनें लोहारू कैनाल तक बिछाई हुई हैं। सीसीआई परिसर में भरे पानी की आठ और 6 इंची पाइप लाइन के जरिये निकासी की जा रही है। विभाग का फोकस अब समस्या के स्थायी समाधान पर रहेगा।
-शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग