चरखी दादरी। सीसीआई परिसर में पानी निकासी को लेकर शनिवार दोपहर गांधी नगर के लोग और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फिर से आमने-सामने हो गए। एक्सईएन शशिकांत के सीसीआई परिसर में पानी निकासी करने की बात कहने से रोहतक रोड पर धरना दे रहे गांधी नगर के लोग बिफर गए और महिलाओं ने उनकी गाड़ी का घेराव कर दिया। स्थिति को देखते हुए मौके पर दो पुलिस टीमें पहुंची। हालांकि लोगों के विरोध के चलते अफसर सीसीआई परिसर में पानी निकासी करवाने में कामयाब नहीं हो पाए और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
बता दें कि सीसीआई परिसर में निकाला गया शहर का पानी गांधीनगर के रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। आलम ये है कि कॉलोनी के 50 से अधिक घरों में चव्वा की समस्या बनी हुई है। सीसीआई परिसर में पानी निकासी बंद करवाने और पहले यहां डाले गए पानी की निकासी की मांग को लेकर गांधीनगर के लोग पिछले 13 दिनों से रोहतक फाटक के समीप धरना दे रहे हैं। शनिवार को भी उनका धरना जारी रहा।
दोपहर करीब 12:30 बजे जनस्वास्थ्य विभाग एक्सईएन शशिकांत ड्यूटी मजिस्ट्रेट एडीओ जितेंद्र कुमार को साथ लेकर धरनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने एक घंटा मोटर चलाकर सीसीआई परिसर में पानी निकासी करने की बात कही, लेकिन गांधी नगरवासियों ने स्पष्ट इन्कार कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई और वार्डवासी सीसीआई परिसर में पानी न डालने की बात पर अड़े रहे। दोपहर डेढ़ बजे धरनास्थल से करीब 15 कदम दूर खड़ी एक्सईएन की गाड़ी के पास महिलाएं पहुंच गईं और उन्होंने घेराव कर डाला। चालक ने वहां से गाड़ी आगे ले जाने का प्रयास किया तो उसे भी रोक लिया। इसके करीब 15 मिनट बाद सिटी थाना प्रभारी राजकुमार टीम के साथ वहां पहुंचे। उनके समक्ष भी वार्डवासियों ने पानी न डालने देने की बात दोहराई। करीब 30 मिनट बाद एक्सईएन व ड्यूटी मजिस्ट्रेट समेत पुलिस बल वहां से चला गया।
- ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दिखाए हालात
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर कृषि विभाग बौंदकलां में तैनात एडीओ जितेंद्र कुमार एक्सईएन के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। उनके समक्ष लोगों ने गांधीनगर का दौरा करने की मांग की। उनकी मांग स्वीकार करते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट स्वयं गांधीनगर के हालात देखकर आए। उन्होंने भी माना कि पानी के चलते गांधीनगर के लोग परेशान हैं।
- अधिकारियों ने नरक बना दिया जीवन, नुकसान की भरपाई भी नहीं
गांधी नगर पार्षद मुनेश दहिया, नरेंद्र दहिया, भूपेंद्र कौशिक, लीलू ठेकेदार, अमरचंद, मोनू शर्मा, सूरत, धर्मेंद्र, सुनील, सागरमल, कांता, शीला देवी, सुमन, सेवती, शांति व विनेश ने बताया कि चार साल से सीसीआई परिसर में सीवर लाइनों का पानी डाला जा रहा है। इससे गांधीनगर के लोगों का जीवन नरकीय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सीसीआई परिसर में भरे पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो चुकी है जबकि एक परिवार के मकान की छत गिर चुकी है। सैकड़ों ऐसे मकान हैं जिनमें नुकसान हुआ है, लेकिन इसकी भरपाई कोई नहीं कर रहा।
फ्लड के मद्देनजर हम एक घंटे मोटर चलाकर देखना चाहते थे, लेकिन वार्डवासी विरोध में आ गए। अब प्रशासन जो आदेश देगा उसी मुताबिक आगामी कदम उठाया जाएगा।
-शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
किसी भी सूरत में गांधीनगर के लोग सीसीआई परिसर में पानी नहीं डालने देंगे। एक्सईएन को हमने दो टूक कह दिया। प्रशासन की मंशा सीसीआई से पानी निकासी की होनी चाहिए, न की और डलवाने की।
-नरेंद्र दहिया, संयोजक, गांधी नगर धरना समिति