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पुलिस के विरोध में प्रदर्शन करने पर केस दर्ज

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सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ वीडियो वायरल करने के मामले में सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह समेत तमाम संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज करने के विरोध में विभिन्न जनसंगठनों ने वीरवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपते हुए इन कार्यकर्ताओं ने कहाकि अगर पुलिस ने देशद्रोह और ब्लैकमेलिंग की धाराओं के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की तो जिले में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की शिकायत पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। पुलिस कप्तान विनोद कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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वीरवार को भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के आह्वान पर रोज गार्डन के सामने जनसंगठनों की पंचायत आयोजित की गई। अधिवक्ता संजीव तक्षक समेत अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए मामले को लेकर पंचायत में चर्चा की गई। पंचायत में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया और पंचायत की अध्यक्षता भाकियू जिला संरक्षक मांगेराम निमली व आचार्य देवी सिंह ने संयुक्त रूप से की। पंचायत के बाद जनसंगठनों के पदाधिकारी शहर में रोष प्रदर्शन करते हुए रोहतक रोड स्थित डीसी कैंप ऑफिस पहुंचे और वहां डीसी राजेश जोगपाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सांपा।
भाकियू प्रदेश महासचिव रणबीर फौजी ने कहा कि दादरी पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ताओं पर संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके सरासर गलत कार्य किया है। अधिवक्ता संजीव कुमार तक्षक समेत उनके साथियों को झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है और इसे दादरी की जनता कतई सहन नहीं करेगी। अगर जल्द ही मुकदमे को खारिज नहीं किया गया तो भाकियू जिले में एक बड़े आंदोलन शरू कर देगी।भाकियू प्रदेश अध्यक्ष जगबीर घसौला ने कहा कि चरखी दादरी पुलिस अधीक्षक ने एक वीडियो के आधार पर चरखी दादरी के सामाजिक कार्यकर्ताओं पर एससी-एसटी एक्ट समेत ब्लैकमेलिंग और देशद्रोह जैसी झूठी संगीन धाराओं के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है। सरकार को इस मुकदमे को तुरंत प्रभाव से रद्द करना चाहिए और चरखी दादरी पुलिस अधीक्षक के खिलाफ जांच कमेटी नियुक्त करनी चाहिए। पूर्व विधायक रणबीर मंदोला ने कहा कि चरखी दादरी जिले में जिस प्रकार से प्रशासन तानाशाही रवैया अपना रहा है वो गलत है।
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क्या है मामला
गत 22 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। राहुल नामक युवक ने वीडियो में एसपी दादरी और पुलिस प्रशासन पर प्रताड़ना समेत अन्य आरोप लगाए थे। इस मामले में पुलिस अब तक राहुल समेत सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र जटासरा को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि अधिवक्ता संजीव समेत अन्य की गिरफ्तारी बाकी है। करीब पांच दिन पहले चर्चा चली थी कि इस मामले में पुलिस ने देशद्रोह और ब्लैकमेलिंग की धारा भी जोड़ दी है और इसके विरोध में ही वीरवार को प्रदर्शन किया गया।
एसडीएम को ज्ञापन देने से किया इंकार
एसडीएम विरेंद्र सिंह दोपहर करीब 12 बजे रोजगार्डन के सामने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को ज्ञापन सौंपने को कहा, लेकिन जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने इंकार कर दिया। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए जनसंगठनों के पदाधिकारी डीसी ऑफिस पहुंचे।
पंचायत में ये रहे मौजूद
अधिवक्ता वीरेंद्र डूडी, अधिवक्ता प्रवीण तक्षक, सत्यवान शास्त्री, सतगामा से जगबीर,भाकियू जिला प्रभारी यादवेंद्र डूड्डी, युवा जिला अध्यक्ष सीटू मैहड़ा, जिला महासचिव धर्मचंद तिवाला, पूर्व सरपंच नरेंद्र फतेहगढ़, कबूल झोझू खुर्द, पूर्व पार्षद धर्मेंद्र छपार, कटार सिंह, राकेश, रविंद्र कुमार, लक्की शर्मा, जगदीश, रणसिंह घिकाडा आदि ने पंचायत में भाग लिया।
पंचायत में अधिवक्ता संजीव तक्षक ने कहा कि पुलिस कितनी ही ज्यादती क्यों न कर लें, मैं डरने वाला नहीं हूं। समाजहित की लड़ाई पिछले दस साल से लड़ रहा हूं और मुकदमे का डर दिखाकर पुलिस प्रशासन उनके हौंसले नहीं तोड़ सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की प्रक्रिया उन्होंने शुरू कर दी है।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने इस संबंध में हमें शिकायत सौंपी है जिसके आधार पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने संबंधी केस दर्ज कर लिया है।
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विनोद कुमार, एसपी, चरखी दादरी
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