चरखी दादरी। मणप्पुरम गोल्ड लोन एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी) दादरी शाखा में चोरी करने के चार आरोपियों को पुलिस ने तीन दिन का रिमांड पूरा होने पर कोर्ट में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेजा गया है। वहीं, मुख्य आरोपी विजय अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
गौरतलब है कि एक मई की रात दादरी के परशुराम चौक समीप स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन एजेंसी के मुख्य शटर का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। यहां से छह किलो 600 ग्राम सोना और 14.02 लाख का कैश चोरी हुआ था।
फील्ड जोनल मैनेजर रवि के. की शिकायत पर पुलिस ने एजेंसी शाखा हेड प्रयास खत्री, जूनियर स्टाफ अंकित, एरिया मैनेजर रामसिंह समेत पूर्व ब्रांच हेड विजय और पूर्व ब्रांच हेड सहायक दीपेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस ने वारदात के तीन बाद पूर्व ब्रांच हेड विजय के साले किरण को गिरफ्तार किया था। उसे चार दिन के रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की गई तो आरोपी ने पूरा षड्यंत्र पुलिस के सामने उजागर कर दिया। जेल जाने से पहले किरण ने 2 किलो 631 ग्राम सोना बरामद कराया। वहीं, किरण के बाद पुलिस ने इस मामले में ब्रांच हेड प्रयास खत्री, उसके भाई प्रिंस खत्री समेत टिटौली निवासी मोहित और घुसकानी निवासी अमरजीत को काबू कर कोर्ट से पुलिस रिमांड मांगा।
तीन दिन का रिमांड मंजूर होने पर पुलिस ने आरोपियों से दो किलो 812 ग्राम सोना और 4.50 लाख की नकदी बरामद की। आरोपी ब्रांच हेड प्रयास खत्री और उसके भाई प्रिंस के घर से एक किलो 909 ग्राम व पांच मिलीग्राम वजन के गहने और साढ़े तीन लाख रुपये बरामद किए। आरोपी प्रयास से वारदात में प्रयोग गाड़ी भी बरामद की गई। आरोपी मोहित नी निशानदेही पर 903 ग्राम वजन के गहने और एक लाख रुपये बरामद हुए।
एक किलो सोना और साढ़े 9 लाख का कैश विजय के पास
पुलिस सूत्रों की माने तो मुख्य आरोपी विजय की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही हैं, लेकिन वह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तार के बाद ही एक किलो 140 ग्राम सोना और करीब साढ़े 9 लाख का कैश उसके पास ही है।
रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेजा गया है। मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। - योगेश कुमार, प्रवक्ता, दादरी पुलिस