चरखी दादरी। विधानसभा घेराव की आशंका के चलते पुलिस आशा वर्कर्स को नजरबंद रखा और देर रात 25 को हिरासत में ले लिया। इस बारे में यूनियन राज्य की उप-प्रधान कमलेश भैरवी ने पुष्टि की है। वहीं, सोमवार सुबह आशा वर्कर्स यूनियन पदाधिकारियों समेत अन्य आशा वर्कर्स की रिहाई की मांग को लेकर एसोसिएशन ने तीन घंटे तक लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया।
इससे पहले सुबह 9 बजे जिलेभर से आशा वर्कर्स लघु सचिवालय पहुंची और तीन घंटे तक धरना देकर नारेबाजी करते हुए रोष जताया। दोपहर बाद आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने डीडीपीओ नरेंद्र कुमार को आशा वर्कर्स को रिहा करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके उपरांत राज्य उप प्रधान कमलेश भैरवी सहित अन्य वर्कर्स को रिहा किया गया। बता दें कि 8 अगस्त से आशा वर्कर्स मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।
- पुलिस ने रातभर जगाए रखा : कमलेश
रिहाई के उपरांत यूनियन की राज्य उप प्रधान कमलेश भैरवी ने बताया कि सदर थाना पुलिस ने रात को 11 बजे उन्हें हिरासत में लिया था। पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं। बिना किसी कारण के पुलिस ने आशा वर्करों को रातभर जगाए रखा।
- घर के बाहर रहा पुलिस का पहरा
जिला प्रधान प्रेमपति मेहराणा के घर पर भी रातभर पुलिस का पहरा रहा। साथ ही जिला उप प्रधान प्रमिला गुडाना, पूर्व जिला सचिव राजवंती सहित यूनियन की अनेक पदाधिकारियों को पुलिस ने रातभर हिरासत में रखा है।
जनसंगठनों ने बताया निंदनीय कदम
किसान नेता राजू मान ने कहा कि गठबंधन सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया है। अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले दिनों से शांतिपूर्वक ढंग से आंदोलन कर रही आशा वर्कर्स की बात सुनने की जगह उनको गिरफ्तार कर सरकार ने तानाशाही की सभी हदें पार कर दी हैं। सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा ने कहा कि 2024 के चुनाव में एक एक ज्यादती का हिसाब लिया जाएगा।
- ये मिले डीएसपी से
ज्ञापन देने के बाद सर्वकर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा की अगुवाई में आशा वर्कर्स यूनियन से सुनीता पांडवान, अनिल, गीता, शर्मिला, उपदेश, भाकियू के जगबीर घसोला ने डीएसपी अशोक कुमार से मुलाकात कर हिरासत में ली गई सीआईटीयू की राज्य उप-प्रधान कमलेश भैरवी, प्रवेश मातनहेल, किसान सभा के रणधीर कुंगड़ सहित अन्य की रिहाई की मांग की। विरोध-प्रदर्शन एवं जद्दोजहद के बाद सभी को तीन बजे रिहा कर दिया गया।