पीएम विश्वकर्मा व प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की समीक्षा बैठक में मौजूद उपायुक्त मुनीश शर्मा व अन्य अधिकारी। स्रोत : जनसंपर्क विभाग
- मुनीश शर्मा ने वीरवार को ली पीएम विश्वकर्मा व प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की समीक्षा बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। उपायुक्त मुनीश शर्मा ने पीएम विश्वकर्मा व प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में पारंपरिक व्यवसायों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों तक इसका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने बताया कि पीएम-विश्वकर्मा योजना में अब 5 हस्त व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें नाव बनाना, शस्त्राकार, ताला बनाना, सुनार व मोची का काम शामिल है। इस योजना में विभिन्न व्यवसायों से जुड़े दस्तकारों को प्रशिक्षण, टूल किट व बैंक लोन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत कारीगर को पहले पीएम विश्वकर्मा.जीओवी.इन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करवा चुके आवेदकों का फिजिकल वेरिफिकेशन ग्राम और शहर स्तर पर किया जाएगा। छोटे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहले एक लाख रुपये का लोन दिया जाएगा, जिसको 18 महीनों में पांच प्रतिशत की ब्याज दर से चुकाया जाना है।
बैंक ऋण की अदायगी के बाद इन कारीगरों को दोबारा ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। ट्रेनिंग में हर रोज 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। उसके बाद दो लाख रुपये का लोन मिलेगा, जिसकी अदायगी तीस माह में की जानी है। इस दौरान कारीगरों को बाजार से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।
बैठक में उप निदेशक संदीप ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत आवेदनों को लेकर विस्तार से अवगत करवाया। इस अवसर पर कमेटी के सदस्य भाजपा के जिला अध्यक्ष सुनील इंजीनियर, पूर्व जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार व डीडीपीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
- 5 साल के लिए है योजना
उपायुक्त ने बताया कि योजना पांच साल के लिए है। पहले साल में देशभर के तीस लाख कारीगरों को इससे जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की समीक्षा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।