आर्य हिंदी महाविद्यालय में पौधरोपण करते ग्रामीण विकास मंडल सदस्य।
चरखी दादरी। ग्रामीण विकास मंडल, विश्व युवक केंद्र नई दिल्ली और नेहरू युवा केंद्र की ओर से आयोजित पौधरोपण अभियान का समापन सोमवार को किया गया। इसमें शिक्षण संस्थान और ग्राम पंचायतों की भी भागीदारी रही। अभियान में 500 पौधे रोपकर एक हजार पौधे बांटे गए।
संस्थान के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान का शुभारंभ नौ जून को रामबास ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र से किया गया और 22 जुलाई को आर्य संस्कृत महाविद्यालय में पौधरोपण कर इसका समापन किया गया। मौसम की पहली बारिश में चार जुलाई से यूथ हॉस्टल भिवानी, खेल मैदान कालूवास, आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शहीद पार्क झोझूकलां, व्यामशाला मैहड़ा, प्राथमिक पाठशाला और सेठ बनवारीलाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चिड़िया, रामबाग मिसरी और आर्य संस्कृत महाविद्यालय में पौधरोपण किया गया। अभियान के दौरान पौधरोपण के बाद उसकी देखभाल सुनिश्चित की गई। एनवाईके और वन विभाग ने पौधों की व्यवस्था की।
सावन के पहले दिन की पौधरोपण अभियान की शुरुआत
बौंदकलां। गांव सांवड़ में सावन महीने के पहले सोमवार को सेवा संकल्प संगठन की ओर से सरपंच व अन्य महिलाओं के सहयोग से तुलसी के पौधे लगाकर पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मंदिर, पार्क व विभिन्न स्थानों पर पौधे रोपित किए गए। महिलाओं ने तुलसी लगाकर पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया। अभियान की अध्यक्षता सरपंच शिवानी चौबारला ने की। सरपंच शिवानी ने कहा कि तुलसी के पौधे को देवी के रूप में पूजा जाता है। ऐसे पौधों के लगाने से धार्मिक भावनाओं व विचारों का सकारात्मक प्रचार होता है। उन्होंने सभी से पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने की अपील की। इस दौरान पुस्तकालय सचिव गौरव गर्ग, सुनीता चौबारला, रेखा, सुनीता देवी, हरिहर महादेव मंदिर के पुजारी देवश्री प्रसाद आदि मौजूद रहे।