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41 विकास कार्य कराने की मिली अनुमति, दो माह से बजट का इंतजार

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चरखी दादरी। शहर में विकास कार्य करवाने के लिए नगर परिषद को अब बजट का इंतजार है। डीएमसी की मार्फत निदेशालय भेजे गए 51 विकास कार्यों में से 41 कार्य करवाने की अनुमति करीब दो माह पहले मिल चुकी है, लेकिन बजट अब तक जारी नहीं हुआ है। दूसरी ओर विकास कार्य ठप होने से शहर के करीब 90 हजार लोगों समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहीं, नप अधिकारियों का तर्क है कि बजट आते ही एजेंसी के जरिये एस्टीमेट तैयार करवाकर जल्द टेंडर प्रक्रिया कर दी जाएगी।
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बता दें कि गत मार्च माह में नगर परिषद ने शहर में विकास कराने के लिए 51 कामों की सूची तैयार की थी। इनकी अनुमानित लागत करीब 15 करोड़ रुपये थी। विकास कार्यों से संबंधित यह फाइल भिवानी डीएमसी की मार्फत निदेशालय भेजी गई थी। करीब चार माह तक फाइल ठंडे बस्ते में रही और गत जुलाई माह में निदेशालय ने 51 में से 41 विकास कार्यों को मंजूरी देकर दस कामों पर स्वीकृति लंबित रखी थी।
नप अधिकारियों के अनुसार जिन 41 कार्यों की अनुमति मिली है, उनके फाइनल एस्टीमेट एजेंसी के जरिये तैयार करवाए जाने हैं और इसके लिए बजट मिलने का इंतजार है। दूसरी ओर शहर के पार्षदों का कहना है कि अधिकारियों को जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी कर धरातल पर विकास कार्य कराने चाहिए। विकास कार्य ठप होने से शहरवासी परेशानी झेल रहे हैं। वहीं, जेई सौहार्द शर्मा ने बताया कि जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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दस करोड़ के कामों को दी स्वीकृति, पांच करोड़ के रोके
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने चरखी दादरी नगर परिषद की ओर से भेजे गए 15 करोड़ के विकास कार्यों में से पहले चरण में 10 करोड़ के कार्यों को ही स्वीकृति दी जबकि पांच करोड़ के कार्य लंबित रख लिए। इनमें सड़कों व गलियों का निर्माण समेत बहुमंजिला पार्किंग की योजना शामिल है।
स्वीकृत्त कामों में ये हैं प्रमुख
1- जेसीबी: रानिया वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर कचरे को हटाने के लिए नगर परिषद के पास खुद की जेसीबी नहीं है। इस कार्य के लिए किराये पर जेसीबी ली जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद खुद की जेसीबी खरीदेगी।
2- वार्डों में मरम्मत कार्य: लंबे समय से शहर के 21 वार्डों की गलियां क्षतिग्रस्त हैं और इनकी मरम्मत कराने की दरकार है। इस कार्य के लिए नगर परिषद ने 25 लाख का बजट निदेशालय से मांगा था। गलियों की दशा सुधारने की योजना को स्वीकृति मिल चुकी है।
3- प्रमुख सड़कों की मरम्मत : मानसून सीजन के बाद शहर की कई अंदरूनी सड़कें जवाब दे चुकी हैं। खासकर सिविल अस्पताल के पिछली तरफ से गुजरने वाली सड़क की हालत तो काफी खस्ता है। इसके अलावा अन्य सड़कों की 25 लाख से मरम्मत करवाई जाएगी।
4- स्टेडियम रोड: नगर परिषद ने पंचनंद चौक से बलिदान स्टेडियम तक सड़क निर्माण की दो एस्टीमट तैयार किए थे। इनमें से कॉलेज रोड चौक से स्टेडियम तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है जबकि दूसरे हिस्से के निर्माण को स्वीकृति नहीं मिली है।
5- पार्कों की मरम्मत: शहर स्थित बड़े रोज गार्डन समेत सभी मिनी पार्क बदहाल हैं। इन पार्कों का जीर्णोद्धार कराने को भी स्वीकृति मिल चुकी है। बजट आते ही एजेंसी के मार्फत पार्कों की खामियों की सूची तैयार कर टेंडर लगाया जाएगा।
6- संसाधन: शहर में सफाई व्यवस्था बेपटरी है और इसके लिए संसाधनों की कमी भी काफी हद तक जिम्मेदार है। कचरा उठान करने वाले वाहनों की मरम्मत के अलावा अन्य संसाधनों जैसे हाथ रेहड़ी, तीन पहिया रिक्शा, तसले खरीदने को स्वीकृति मिली है।
दो करोड़ की राशि खाते में, आठ करोड़ का इंतजार
नप अधिकारियों के अनुसार निदेशालय ने 41 विकास कार्यों की स्वीकृति देने के साथ दो करोड़ की ग्रांट भी नगर परिषद को दी है। यह ग्रांट नप के खाते में है जबकि आठ करोड़ का अभी इंतजार है। नप अधिकारियों का तर्क है कि दो करोड़ की राशि टेंडर प्रक्रिया के लिए कम है और एक किस्त और जारी होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
हम निदेशालय के संपर्क में हैं और जल्द ही ग्रांट मिल जाएगी। शहर में एक समान विकास कार्य करवाए जाएंगे। गलियों का निर्माण और स्ट्रीट लाइटों की कमी दूर करने के साथ सफाई व्यवस्था पर हमारा फोकस है।
बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
51 में से 41 विकास कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें सड़कों व गलियों की मरम्मत के साथ नवर्निर्माण और संसाधनों की खरीद के काम शामिल है। बजट मिलते ही इन कामों के टेंडर आमंत्रित कर दिए जाएंगे।
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सौहार्द शर्मा, जेई, नगर परिषद
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