सिविल अस्पताल में बनाया गया आयुष्मान काउंटर।
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आयुष्मान योजना को एक साल पूरा हो चुका है और अभी भी साढ़े चार हजार पात्र लोग अपने गोल्डन कार्ड नहीं बनवाए हैं। गोल्डन कार्ड न बनवा पाने का मुख्य कारण लोगों में जागरूकता का अभाव भी है। अगर आपको ये नहीं पता है कि आप पात्र हैं या नहीं, तो इसके लिए आयुष्मान काउंटर पर संपर्क कर सकते हैं। वहां नियुक्त कर्मचारी ऑनलाइन जांच के बाद बता देगा कि इस योजना का लाभ आपको मिलेगा या नहीं। बता दें कि इस योजना के पात्रों की सूची 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर तैयार की गई है। ऐसे में सभी पात्र लोगों को नहीं पता कि वो इसका लाभ ले सकते हैं या नहीं।
आयुष्मान योजना को लेकर चरखी दादरी जिले में एक साल बाद भी लोगों के जहन में भ्रम की स्थिति है। काफी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें ये तक नहीं पता कि इस योजना का लाभ किसे और कैसे मिलेगा। वहीं, बहुत से लोग गोल्डन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को भी बेहद जटिल मान रहे हैं, जबकि हकीकत में गोल्डन कार्ड बनवाना बेहद आसान हैं। अगर कोई आयुष्मान योजना का लाभ उठाना चाहता है तो इसके लिए उसे सबसे पहले दादरी सिविल अस्पताल में बनाए गए आयुष्मान काउंटर पर जाना होगा। यहां अपना आधार कार्ड दिखाकर संबंधित व्यक्ति सूची में अपना नाम चेक करवा सकता है। अगर सूची में नाम हुआ तो ही उक्त व्यक्ति गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। वहीं, बौंदकलां क्षेत्र के लोग बौंदकलां सीएचसी में जाकर आयुष्मान के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
बता दें कि सरकार की तरफ से एक साल पहले जारी की गई सूची में जिले के 23 हजार लोग इस योजना के पात्र थे। इनमें से करीब साढ़े 18 हजार लोग अपने गोल्डन कार्ड बनवा चुके हैं। जबकि करीब साढ़े चार हजार अभी भी ऐसे हैं, जिन्होंने कार्ड नहीं बनवाया है। पैनल में शामिल छह निजी अस्पतालों में 298 मरीज निशुल्क उपचार ले चुके हैं। हालांकि पैनल में शामिल इन निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा नहीं है। यहां जनरल मेडिसिन और आंखों के कुछ ऑपरेशन का ही लाभ मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी इसका प्रमुख कारण है।
यूं बनवा सकते हैं गोल्डन कार्ड
अगर आर्थिक जनगणना की सूची में आपका नाम है तो गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लंबी-चौड़ी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसके लिए महज आधार कार्ड देना होगा। आधार कार्ड के नंबर को ऑनलाइन कर्मचारी फीड कर देगा और आयुष्मान काउंटर पर ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी करवाई जाएंगी। इसके बाद गोल्डन कार्ड तैयार कर आवेदक को दे दिया जाएगा।
डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य जिले में तेज गति से चल रहा है। अगर किसी के मन में कोई संशय या भ्रम है तो वह आयुष्मान काउंटर या फिर टोल फ्री नंबर 1800-111-565 पर संपर्क कर सकता है। जिले में करीब साढ़े चार हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड अभी बनने बाकी हैं। जल्द से जल्द इनके कार्ड बना दिए जाएंगे।