कस्बे के राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने मांगें पूरी न होने के कारण मंगलवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया। उन्होंने इस दौरान नारेबाजी की और महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। थाना प्रभारी व प्राचार्य डॉ. सूबे सिंह ने छात्राओं को समझाया तब जाकर डेढ़ घंटे बाद कॉलेज का ताला खुला। प्राचार्य ने छात्राओं का मांगपत्र उपायुक्त को भेजकर उन्हें पूरा करवाने का आश्वासन दिया है।
मंगलवार सुबह कालेज प्रधान प्रगति शर्मा के नेतृत्व में छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। कालेज में पीजी कक्षाएं शुरू करवाने, स्टाफ की कमी को पूरा करने, चिकित्सा कक्षाएं शुरू करने, एनसीसी शुरू करने, लाइब्रेरी में सुविधाएं देने, छात्राओं को आवागमन में सरकारी बस सेवा की व्यवस्था करने, महिला सुरक्षा कर्मी से लैस पीसीआर की तैनाती करवाने, पेयजल आपूर्ति, कैंटीन सुविधा, खेल कोच व ऑडिटोरियम भवन का अधूरा कार्य पूरा कराने आदि मांगों को लेकर छात्राओं ने नारेबाजी की और कक्षाओं का बहिष्कार किया। इस दौरान छात्राओं ने मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। आंदोलन कर रही छात्राओं को संबोधित करते हुए कॅालेज छात्रा परिषद की अध्यक्ष प्रगति शर्मा, अंशु, ज्योति, सुजाता, प्रीति, गीता, मीना, आशा, मनीषा, निकिता, प्रीति, टीना व पिंकी आदि छात्राओं ने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ तो नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाएं चला रही है। दूसरी तरफ राजकीय कालेजों में आज भी शिक्षा तंत्र व अन्य मूलभूत सुविधाओं के नाम पर केवल कागजी बयानबाजी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कस्बे के राजकीय कन्या कालेज में प्रतिवर्ष एक हजार छात्राएं स्नातक कक्षा उत्तीर्ण करती हैं। लेकिन बार-बार प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, उच्चतर शिक्षा निदेशक को पत्र भेजने के बावजूद अभी तक पीजी कोर्स या एनसीसी यूनिट शुरू नहीं की गई है। प्रदेश सरकार ने कालेजों में चुनाव करवा कर छात्रा परिषद को अधिकार देने की बात कही थी। लेकिन धरातल पर उनकी किसी मांग को पूरा नहीं करना उनके अधिकारों के साथ मजाक है। यह किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्राओं की सुरक्षा के लिए केवल कागजों में ही ड्यूटियां लगाई जा रही हैं।
छात्राओं ने कहा कि कॅालेज भवन से मुख्य चौक तक हर समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है। इससे छात्राओं को कालेज में आने- जाने में समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा कॅालेज परिसर में स्वच्छ पेयजल, कैटीन सुविधा भी नहीं है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए निर्मित ऑडिटोरियल भवन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। मुख्य द्वार पर ताला लगाने की सूचना मिलते ही डीएसपी बाढड़ा अनिल कुमार, थाना प्रभारी तेलूराम व कॉलेज प्राचार्य डॉ. सूबे सिंह ने छात्राओं से शंाति बरतने की अपील करते हुए उनका मांगपत्र उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेज कर जल्द ही उनकी मांगों का समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने कॉलेज का गेट खोला। आंदोलन कर रही छात्राओं ने कहा कि इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो छात्राएं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगी।
महिला महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सूबे सिंह ने बताया कि कॅालेज में पीजी की कक्षाएं शुरू करवाने, परिवहन सुविधा, एनसीसी सुविधा व स्टाफ की कमी के बारे में पहले ही निदेशक कार्यालय को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। एनसीसी के लिए नारनौल मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है। छात्राओं को कॉलेज में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाए जाने के प्रयास जारी है।
इधर, कॉलेज प्रधान, प्रगति शर्मा ने कहा कि काफी समय से कालेज में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने पर कई बार कालेज प्राचार्य को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसलिए कालेज छात्राओं ने मजबूर होकर आंदोलन करने को विवश होना पड़ा है। अगर मांगें नहीं मानी गई तो आगे भी कालेज छात्राएं आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी।