लॉकडाउन के दौरान घरों में कैद कमजोर आर्थिक स्थिति वाले हजारों परिवारों तक अभी भी मदद नहीं पहुंच पा रही है। दूसरी ओर जिला प्रशासन और विधायक के अलावा विभिनन सामाजिक संगठन ऐसे परिवारों की मदद करने में जुटे हुए हैं। चरखी दादरी जिले में लॉकडाउन के दौरान 4000 से अधिक राशन किट वितरित की जा चुकी हैं। इस संकट के दौर में इंसानियत को शर्मसार करने वाले मामले भी सामने आ रहे हैं। मदद स्वरूप दी गई राशन किट को सकीर्ण मानसिकता के कुछ लोग घरों से बाहर निकलकर दुकानों पर आकर 100 से 200 रुपये कम दाम पर बेच देते हैं। इस तरह के एक या दो नहीं बल्कि 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। थक हारकर संगठनों ने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त श्यामलाल पूनिया से की। इसके तुरंत बाद उपायुक्त ने लोगों से राशन किट खरीदने वाले दुकानदारों पर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दे दिए।
सामाजिक संगठनों के अलावा जिला प्रशासन और दादरी विधायक सोमबीर सांगवान जरूरतमंदों तक राशन सामग्री पहुंचा रहे हैं। विधायक अब तक 2000 से अधिक राशन किट वितरित कर चुके हैं जबकि हरियाणा व्यापार मंडल बुधवार तक 652 कीट वितरित कर चुका है। इसके अलावा भारत विकास परिषद, श्री ग्वाल सेवा दल सहित काफी संगठन लोगों तक राशन किट पहुंचा रहे हैं। इन सबका मकसद एक ही है कि जिले का बाशिंदा हो या प्रवासी लॉकडाउन के दौरान कोई भूखे पेट न सोए। एक संगठन के पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राशन किटों की डबलिंग (एक ही जगह दो बार किट वितरण होना) होने पर कुछ परिवार घरों से बाहर आकर सस्ते दामों पर ये किट बेच जाते हैं।
इस तरह की काफी सूचनाएं राशन किट वितरण करने वाले संगठनों को मिल चुकी है। यह मामला मंगलवार को संगठनों के पदाधिकारियों की मार्फत उपायुक्त श्यामलाल पूनिया के संज्ञान में भी आया। इस पर एक्शन लेते हुए उपायुक्त ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके मुताबिक अगर कोई दुकानदार लोगों को मदद स्वरूप दी गई राशन किट खरीदता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बाक्स: 350 से लेकर 650 रुपये तक की वितरित की जा रहीं राशन किट
जिले में निशुल्क राशन किट वितरित करने वाले संगठनों के पदाधिकारियों के अनुसार 350 से लेकर 650 रुपये तक की राशन किट वितरित की जा रही हैं। इनमें दस किलोग्राम आटा, चार किलोग्राम चावल, दो किलोग्राम दाल, एक पैकेट नमक, मिर्च और हल्दी का पैकेट दिए जा रहे हैं। कुछ संगठन तो आधा लीटर तक सरसों का तेल भी किट में डाल रहे हैं। 650 रुपये वाली किट को दुकानदार के पास जाकर लोग 400 से 450 रुपये में बेच रहे हैं।
बाक्स: राशन किटों की डिमांड अधिक, इसलिए अपनाया पैंतरा
मानवता का फर्ज निभा रहे कई संगठन लगातार राशन किट वितरण मुहिम चला रहे हैं। इन संगठनों के पदाधिकारियों ने अब तक 4000 से अधिक राशन किट वितरित की हैं। विधायक सोमबीर सांगवान ने पांच हजार परिवारों को राशन मुहैया कराने का ऐलान किया था और 2000 से अधिक परिवारों की अब तक वो मदद कर चुके हैं। इस समय राशन किटों की डिमांड अधिक है और संगठनों के ऑर्डर पूरा करने के लिए दुकानदारों ने लोगों के साथ मिलकर ये नया पैंतरा अपनाया है।
बाक्स: इन जरूरतमंदों से जानिए... क्या है राशन किट का महत्व
- मैं अपी पत्नी और बच्चों के साथ दादरी शहर में रह रहा हूं। दिहाड़ी करके मैं अपने घर का चूल्हा जलाता हूं। लॉकडाउन के दौरान काम नहीं मिल पा रहा और पास में जो रुपये थे वो खत्म हो गए। राशन के डिब्बे भी खाली हैं। मंगलवार को मेरे घर आकर मुझे राशन किट निशुल्क दी गई है जिसमें आटा, चावल, दाल सहित अन्य राशन है। करीब एक सप्ताह का काम अब आराम से चल जाएगा।
लक्ष्मण कुमार
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- मैं अपने परिवार के साथ किराये का कमरा लेकर रह रहा हूं। इस महिने तो आर्थिक स्थिति बेहद गड़बड़ाई हुई है। हालांकि मकान मालिक ने इस माह का किराया अभी नहीं लिया है। सोमवार रात को घर का राशन खत्म हो गया था। मैं चिंतित था कि बीबी और बच्चों को क्या खिलाऊंगा। मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे हरियाणा व्यापार मंडल के पदाधिकारी मेरे घर आए और परिवार में सदस्यों की संख्या पूछकर एक राशन किट दे दी।
अशोक
ऐसा मामला मेरे संज्ञान में भी आया है। अगर अब कोई दुकानदार मदद स्वरूप दी गई राशन किट किसी परिवार से खरीदता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में मैंने निर्देश दे दिए हैं। सामाजिक संगठनों सहित विधायक और जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है कि कोई भी परिवार भूखे पेट न सोए। इसलिए लोग संकट की घड़ी में ऐसा न करें। लोगों के सहयोग से ही प्रत्येक जरूरतमंद तक राशन किट पहुंच सकेगी।
श्यामलाल पूनिया, उपायुक्त, चरखी दादरी