फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ कंट्रोल रूम में व्यक्ति ने फोन कर लगाई खाने की गुहार, पका खाना लेकर पहुंचे डीआरओ को घर पर पूरा मिला राशन का स्टॉक

विज्ञापन
A person called control room and the DRO took the cooked food for the famine, and he found the enough stok of ration at home - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
शहर के चरखी दरवाजा क्षेत्र में रह रहे एक शख्स ने मंगलवार रात दस बजे चंडीगढ़ कंट्रोल रूम में परिवार के भूखा होने की दुहाई देकर मदद मांगी। इसके तुरंत बाद जिला अधिकारियों के फोन घनघनाने शुरू हो गए। देर रात 11 बजे डीआरओ सुखबीर सिंह उक्त शख्स का पता लगाकर उसके घर पका हुआ खाना लेकर पहुंचे। बुुधवार सुबह 11 बजे भी प्रशासनिक टीम उक्त शख्स और परिवार के लिए खाना लेकर पहुंची। संदेह होने पर उसके रसोईघर में रखा आटा, दाल, चीनी, नमक के डिब्बों की जांच की गई तो राशन का स्टॉक पूरा मिला। उक्त व्यक्ति के घर राशन किट भी मिली और उसे प्रशासन की तरफ से चेतावनी भी दी गई। वहीं उक्त व्यक्ति का कहना है कि उसने राशन आज सुबह ही खरीदा था।
विज्ञापन

हुआ यूं कि मंगलवार रात दस बजे चरखी दरवाजा क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने चंडीगढ़ स्थित कंट्रोल रूम में फोन कर दिया। उक्त शख्स ने बताया कि लॉकडाउन के चलते उनके घर का राशन खत्म हो चुका है और पूरा परिवार भूखा है। व्यक्ति के हालातों की सूचना रात को ही डीसी श्यामलाल पूनिया को दी गई। उन्होंने एसडीएम और डीआरओ को उस शख्स के घर खाना पहुंचाने की जिम्मेदार सौंपी। सूत्रों के अनुसार रात करीब 11 बजे खाने का पैकेट लेकर डीआरओ सुखबीर सिंह उक्त व्यक्ति के घर पहुंचे और उसे खाने का पैकेट दे दिया।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे भी टीम उक्त व्यक्ति के घर खाना देने पहुंची। टीम ने परिवार को खाना खाने की बात कही तो उन्होंने सूखे राशन की डिमांड की। खाना खाने में पूरे परिवार के आनाकानी करने पर अधिकारियों को शक हुआ और इसके बाद उसके कमरे में बनाए गए रसोईघर की भी जांच की गई। जांच के दौरान ड्रम आटे का भरा मिला जबकि दाल सहित अन्य मसाले भी घर पर थे। इस पर डीआरओ ने उक्त शख्स को चेतावनी दी और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त श्यामलाल पूनिया को भी सौंप दी।
विज्ञापन

आंगन में जला चूल्हा देखकर हुआ टीम को शक
सूत्रों के अनुसार मंगलवार रात भी करीब एक घंटे तक अधिकारी उक्त शख्स के घर के बाहर खड़े रहे। उसने न तो फोन उठाया और न ही दरवाजा खोला। इसके बाद उक्त शख्स ने गेट खोकर टीम से खाने का पैकेट ले लिया। बुधवार सुबह टीम जब दोबारा उसके घर खाना देने पहुंची तो आंगन में बनाए गए चूल्हे गर्म मिला। इससे संदेह हुआ कि परिवार ने घर पर खाना बनाया है। इसके बाद टीम अंदर पहुंची तो व्यक्ति का झूठ पकड़ा गया।
घर पर मिले फ्रिज, टीवी, बेड, अलमारी और कूलर
उक्त शख्स प्रवासी है और पिछले 10 साल से परिवार सहित दादरी शहर में रह रहा है। उसके दो बच्चे हैं। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान टीम को उसके घर बेड, फ्रिज, अलमारी, कूलर और टीवी भी मिला। इतना ही नहीं आटे का स्टॉक भी पूरा था और पूछताछ के दौरान उक्त शख्स ने बताया कि बुधवार सुबह आटे का पैकेट वो एक दुकान से खरीदकर लाए हैं।
घर से 100 मीटर की दूरी पर दिया जाता है भोजन
सूत्रों के अनुसार जिस व्यक्ति ने चंडीगढ़ कंट्रोल रूम में परिवार के भूखा होने की बात कही है उसके मकान से 100 मीटर की दूरी पर प्रतिदिन खाना वितरित किया जाता है। टीम ने इसकी जानकारी भी उक्त शख्स को दी और इसके बाद भी उसने कच्चे राशन की मांग की।
मेरी लोगों से अपील है कि जो वास्तव में जरूरतमंद हैं वो ही प्रशासन या संगठनों की मदद लें। पूरे प्रयास किए जा रहे हैं कि कोई भी शख्स भूखे पेट न सोए। घर पर राशन का स्टॉक पूरा होने के बाद डिमांड करना गलत है।
विज्ञापन

सुखबीर सिंह, डीआरओ, चरखी दादरी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें