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Charkhi Dadri News: कुदरत के नुस्खों में ढूंढ़ रहे लोग आरोग्य का रहस्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निशुल्क इलाज और दवाएं उपलब्ध, 30 हजार तक पहुंची ओपीडी

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चरखी दादरी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उपचार करते डॉ. सुनील जांगड़ा। संवाद
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चरखी दादरी। जिले में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। इसी का परिणाम है कि पिछले एक माह में करीब 30 हजार मरीजों ने आयुष विभाग के तहत संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से उपचार करवाया है।
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इस अवधि में इन मंदिरों पर न केवल सामान्य बीमारियों बल्कि गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों ने भी आयुर्वेदिक उपचार को अपनाया है। अधिकांश मरीजों को उपचार से राहत मिली है। इनमें खांसी, जुकाम, बुखार, पाचन संबंधी रोग, जोड़ों का दर्द, हृदय संबंधी समस्या, खून की कमी, एलर्जी, गठिया, बवासीर, थायरॉयड आदि के मरीज शामिल हैं, जो अब आयुर्वेद को प्राथमिकता दे रहे हैं। दादरी जिला आयुष विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लगभग 18 हजार मरीजों ने तथा विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर संचालित आयुष ओपीडी में करीब 13 हजार मरीजों ने उपचार करवाया। इसी तरह अक्तूबर माह में भी करीब 30 हजार मरीजों ने आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ लिया।
छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शुरू हुई आयुष ओपीडी
लोगों के आयुर्वेद के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए विभाग ने हाल ही में छह गांवों बलकरा, अचीना, रानीला, हड़ौदी, बाढड़ा और सांवड़ में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष ओपीडी शुरू की है। इन केंद्रों पर आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मरीजों का उपचार पूरी तरह निशुल्क किया जाता है। यहां आने वाले मरीजों से कोई ओपीडी शुल्क नहीं लिया जाता तथा उपलब्ध दवाएं भी निःशुल्क दी जाती हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अन्य केंद्रों में ओपीडी पर्ची के लिए पांच रुपये शुल्क लिया जाता है।
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15 उप-स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष सेवाएं
आयुष विभाग ने जिले के 15 उप-स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष ओपीडी की शुरुआत की है। इनमें डाढी बाना, पालड़ी, बधवाना, चरखी, बड़राई, बरसाना, भागेश्वरी, डोहका हरिया, दुधवा, द्वारका, हुई, खेड़ी बुरा, लांबा, पिचौपा कलां और रामबास गांव शामिल हैं।

जिले में 34 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर्स तैनात
दादरी जिले में वर्तमान में 34 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर्स (एएमओ) कार्यरत हैं। इनके माध्यम से जिले के 28 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा इन्हें पीएचसी व उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आयुष सेवाओं के लिए तैनात किया गया है। साथ ही, सरदार झाडू सिंह चौक के पास स्थित एमसीएच यूनिट में होम्योपैथिक ओपीडी भी संचालित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं।

आयुर्वेदिक उपचार पद्धति भारत की प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा प्रणाली है। यह आज भी जटिल बीमारियों के उपचार में कारगर सिद्ध हो रही है। मौजूदा समय में न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्र के लोग भी आयुर्वेद को अपना रहे हैं। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निशुल्क उपचार और दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। - डॉ. राकेश वशिष्ठ, जिला आयुर्वेद अधिकारी, दादरी
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