चरखी दादरी। पीएचसी यानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं का दायरा बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 12 सीबीसी मशीन भेजी हैं। अगले सप्ताह तक मशीनें इंस्टॉल कर दी जाएंगी। जिससे ग्रामीणों को गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
विशेषज्ञों की मानें तो मशीनों के चालू होने के बाद वायरल बुखार या अन्य संक्रमण की जांच के लिए ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को नागरिक अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनकी गांव के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच हो पाएगी।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय की तरफ से जिले के 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहली बार सीबीसी जांच मशीनें पहुंची हैं। इस सप्ताह तक मशीनें पीएचसी में स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले लैब तकनीशियन नहीं थे। इसके चलते जांच की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही थी। केंद्रों में लैब तकनीशियन आने के बाद सीबीसी मशीनों की डिमांड की गई। अब विभाग की ओर से मशीन भेजी गई हैं। सीबीसी मशीन से प्लेटलेट्स, एचबी, डब्ल्यूबीसी, आरबीसी आदि की जांच आसानी से हो पाएगी।
करीब तीन लाख रुपये है एक मशीन की कीमत
मरीजों को सुविधा देने के लिए एक सीबीसी मशीन तीन लाख रुपये से खरीदी गई है। इस लिहाज से 12 स्वास्थ्य केंद्रों को मशीन मुहैया कराने के लिए करीब 36 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। हालांकि नागरिक अस्पताल के अलावा पिछले सीजन में स्वास्थ्य विभाग ने तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सीबीसी मशीनें भेजी थीं। हवीं अगर कोई मरीज निजी लैब में सीबीसी जांच करवाता है तो उसे 150 से 200 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
नियमित अंतराल पर मिल रहे डेंगू के केस
मौसम में बदलाव के चलते वायरल मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, जिले में डेंगू के मामले भी लगातार मिल रहे हैं। पिछले डेढ़ माह की बात करें तो 90 केस मिल चुके हैं। अहम बात यह है कि शहर के मुकाबले गांव में इस बार डेंगू का प्रकोप ज्यादा बना हुआ है।
जानिये...जिले में क्या है स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति
शहर में नागरिक और मातृ-शिशु अस्पताल है। इसके अलावा बौंदकलां, गोपी और झोझूकलां में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अलावा 12 गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना रखे हैं जबकि करीब 60 उपस्वास्थ्य केंद्र भी हैं।
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए सीबीसी मशीन मिल गई हैं। अब कंपनी की ओर से इन्हें स्थापित किया जाना है। विभाग की ओर से इन्हें जल्द चालू करवाने का प्रयास रहेगा। अगले सप्ताह तक मशीनें चालू हो सकती हैं। विभाग कंपनियों के संपर्क में है और मशीनें इंस्टॉल होते ही शुरू की जाएंगी। राजवेंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ