चरखी दादरी। जिले के सरकारी स्वास्थ्य विभाग में करीब तीन महीने से खाली चल रहे बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर अब चिकित्सक की नियुक्ति हो गई है। डॉ. निधी यादव ने बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती से बच्चों के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरदार झाड़ू सिंह चौक के पास स्थित स्व. लाला रामस्वरूप दास सर्राफ मातृ एवं शिशु अस्पताल की एमसीएच यूनिट में बाल रोग ओपीडी संचालित होती है। यहां जिले के विभिन्न गांवों और शहर से बड़ी संख्या में बच्चे उपचार के लिए पहुंचते हैं।
करीब तीन माह पहले यहां कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार का तबादला होने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक का पद रिक्त हो गया था।
दूसरे जिलों का करना पड़ता था रुख
विशेषज्ञ चिकित्सक के नहीं होने से बच्चों के इलाज के लिए आने वाले परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। कई अभिभावकों को बच्चों की जांच और उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूसरे जिलों का रुख करना पड़ रहा था। इससे उनके समय के साथ इलाज पर होने वाला खर्च भी बढ़ रहा था।
60 से 70 मरीज पहुंचते थे राेज
डॉ. सुधीर कुमार की तैनाती के दौरान बाल रोग ओपीडी में रोजाना करीब 60 से 70 बच्चे उपचार के लिए पहुंचते थे। अब डॉ. निधी यादव के कार्यभार संभालने से ओपीडी में बच्चों को दोबारा विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिलने लगी हैं। इससे सामान्य बीमारियों के साथ बच्चों से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच और उपचार में सुविधा होगी।
विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती से मिलेगी सुविधा
दादरी के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राहुल अरोड़ा ने बताया कि डॉ. निधी यादव ने बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है। उनके आने से बच्चों को सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होगा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए बाहर जाने की परेशानी कम होगी।