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Charkhi Dadri News: 38 गांवों में अब पंचायत की ओर से किया जाएगा ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य

Thu, 29 Jan 2026 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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बैठक में मौजूद अधिकारी।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले के 38 गांवों में अब पंचायत की ओर से ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य किया जाएगा। उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण प्रबंधन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में उपायुक्त ने योजना को लेकर बारीकी से बिंदुवार विर्मश किया।
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सीईओ जिला परिषद ने उपायुक्त को बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन के लिए पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता की ओर से जिले के 38 गावों में कार्य किए जाने थे, लेकिन 22 जनवरी तक भी इन गांवों में कार्य आरंभ नहीं किए गए हैं जिसके चलते ये कार्य पंचायत के माध्यम से करवाने सही रहेंगे। इस पर उपायुक्त ने कमेटी के साथ विचार कर सभी कार्यों को पंचायत के माध्यम से करवाने की स्वीकृति प्रदान की। इनमें बाढड़ा खंड के 10, बौंद खंड के 8, झोझू खंड के 4 और दादरी खंड के 16 गांव हैं।
इन गांवों में बाढड़ा खंड के जगरामबास, डालावास, धनाशरी, कारीदास, हंसावास खुर्द, बाढड़ा, नांधा, द्वारका, रामपूरा, डोहका मोजी, बौंद खंड के मिसरी, कोल्हावास, भागेश्वरी, लांबा, उण, सौंफ, मिर्च, कासनी, झोझू खंड के रामलवास, नौसवा, नौरंगाबास राजपुतान, मंदौला, दादरी खंड के रावलधी, मौडी, मकडाना, संतौखपूरा, निमली, पांडवान, अख्तयारपूरा, चरखी, डोहकी, मानकावास, मोरवाला, सरूपगढ, सांरगपूर, समसपूर, लोहरवाड़ा और ढाणी फोगाट शामिल हैं।
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उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को सुधारना और खुले में शौच मुक्त स्थिति को बनाए रखना है। जिन गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है, वहां के लोग निरंतर शौचालयों का उपयोग करें। इसमें पुराने शौचालयों की मरम्मत और नए परिवारों के लिए व्यक्तिगत घरेलू शौचालय का निर्माण शामिल है।

उन्होंने कहा कि मिशन की सबसे बड़ी विशेषता कूड़े-कचरे का सही प्रबंधन है। इसके अंतर्गत जैविक कचरा प्रबंधन, खाद बनाने के गड्ढे और बायोगैस संयंत्र गोवर्धन योजना को भी शामिल किया गया है। मिशन के तहत प्लास्टिक को इकट्ठा करना और उसका पुनर्चक्रण या सड़क निर्माण में उपयोग को आगे बढ़ाना भी है।
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