एसआई राजकुमार से मिलते लोहरवाड़ा के ग्रामीण।
चरखी दादरी। लोहरवाड़ा निवासी युवक की आग लगने से हुई मौत मामले में उसके परिजनों ने शनिवार को सिटी थाने पहुंचकर गंभीर आरोप लगाया है। मृतक के पिता समेत अन्य परिजनों और ग्रामीणों ने इस मामले की गहनता से जांच करने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि अगर मामले की गहनता से जांच नहीं की गई तो सामाजिक संगठनों को साथ लेकर वो सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।
लोहरवाड़ा निवासी सुरेश कुमार और अन्य ग्रामीण शनिवार को सिटी थाने पहुंचे। सुरेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा आकाश अपनी पत्नी और बच्चे के साथ पिछले लंबे समय से दादरी की एमसी कॉलोनी में रह रहा है। 22 मार्च को सोते वक्त आग लगने से वो जल गया था। पीजीआई में उपचार के दौरान हादसे के पांच दिन बाद उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आकाश को जान-बूझकर आग लगाई गई है। इसका संदेह उन्होंने आकाश की पत्नी और नरेंद्र नामक एक शख्स पर जाहिर किया है। सुरेश कुमार ने बताया कि आठ मार्च को नरेंद्र उसके बेटे के घर आया था और उस दौरान उन्होंने शराब पी थी। उसी बीच दोनों के बीच विवाद हुआ था और 22 मार्च को आकाश के साथ वारदात की गई। सुरेश कुमार और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आकाश और उसकी पत्नी प्रियंका के बीच मनमुटाव रहता था। नरेंद्र प्रियंका का चचेरा भाई है।
- आग लगने के बाद पत्नी और बच्चे को बचाने गया दोबारा अंदर
सुरेश कुमार, शमशेर, नरेंद्र, महेंद्र, रणधीर, दलबीर पंच, काला पंच, मनीष, शक्ति पंच, रमेश, मेहर सिंह, मनोज कुमार, सतबीर, भूप सिंह नंबरदार, जस्सी, जयप्रकाश, रणधीर आदि ने बताया कि 22 मार्च की रात आग लगने के बाद आकाश मकान से बाहर आया लेकिन जब उसे पत्नी और बच्चे का ख्याल आया तो वो उन्हें बचाने के लिए दोबारा अंदर चला गया। उसी दौरान वो आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया और बाद में मौत हो गई।