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Charkhi Dadri News: छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सड़कों पर उतरे विपक्षी संगठन, उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा

Thu, 23 Jul 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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बस स्टैंड रोड पर प्रदर्शन करते हुए विपक्षी संगठन।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं तथा युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में बुधवार को दादरी शहर में विभिन्न विपक्षी दलों, किसान संगठनों, खाप प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला उपायुक्त मंदीप कौर को सौंपा गया। दोपहर करीब दो बजे हाथी पार्क से शुरू हुए विरोध मार्च में बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता, किसान संगठनों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए बस स्टैंड, परशुराम चौक से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे जहां उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। सभी कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।
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लाठीचार्ज का किया विरोध
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि देशभर के छात्र एवं युवा अपनी न्यायोचित मांगों के लिए नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उनके साथ बल प्रयोग एवं लाठीचार्ज किया गया जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विपरीत है। ज्ञापन में कहा गया कि नागरिकों, विशेषकर युवाओं और छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का संवैधानिक अधिकार है और उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
छात्रों की सुने सरकार
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि देशभर में लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और प्रशासनिक विफलताओं ने लाखों युवाओं और उनके अभिभावकों का विश्वास कमजोर किया है। आज देश का युवा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया और न्यायपूर्ण अवसरों की मांग कर रहा है, इसलिए सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए न कि दमनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने देश की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रहने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। साथ ही परीक्षा घोटालों, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने, नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस लेने व छात्रों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक एवं संवेदनशील कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी दादरी के अध्यक्ष सुशील धानक, पूर्व संसदीय सचिव रणसिंह मान, पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान, राजू मान, बसपा जिला अध्यक्ष रामनिवास, आप नेता रिम्पी फोगाट, जेजेपी महिला जिला अध्यक्ष लक्ष्मी बलौदा, जगबीर घसोला सहित विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, खाप पंचायतों एवं सामाजिक संगठनों के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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