रात के समय रावलधी चौक से गुजरते ओवरलोड वाहन।
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चरखी दादरी। जिले में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के दावों के बावजूद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। रात होते ही रावलधी चौक और कमजोर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) से क्षमता से अधिक वजन लेकर ट्रक और डंपर धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
इससे सड़कें जर्जर हो रही हैं। हादसों का खतरा बढ़ रहा है। हालात यह है कि रावलधी चौक से रात के समय हर 10 मिनट के भीतर लगभग 50 भारी वाहन गुजर रहे हैं। बेखौफ दौड़ रहे इन ओवरलोड वाहनों के कारण न सिर्फ सड़कों की हालत जर्जर हो रही है बल्कि आए दिन गंभीर सड़क हादसे भी हो रहे हैं।
लाख दावों के बावजूद ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में जिला प्रशासन विफल रहा है। भले ही आरटीए विभाग पिछले 15 दिनों में डेढ़ करोड़ रुपये के चालान करने का दम भर रहा हो लेकिन ओवरलोड वाहनों की संख्या कम होने नाम नहीं ले रही है। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से रावलधी क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की जा चुकी है।
पुल की स्थिति कमजोर बनावट को देखते हुए जिला प्रशासन ने आरओबी के पास एक चेतावनी बोर्ड भी लगवा दिया है। इस बोर्ड के माध्यम से भारी वाहन चालकों को यह हिदायत दी गई है कि पुल कमजोर है। इसलिए वे इस रास्ते से गुजरने के बजाय अन्य वैकल्पिक मार्गों का चयन करें।
इसके बावजूद वाहन चालक प्रशासन के निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और इसी कमजोर पुल से क्षमता से कई गुना अधिक वजन लादकर डंपर व ट्रक धड़ल्ले से निकल रहे हैं।
सख्ती के बावजूद ओवरलोड माफिया बेखौफ : जिला प्रशासन और आरटीए विभाग की ओर से ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर बड़े दावे किए जाते हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान प्रशासन ने हजारों ओवरलोड वाहनों के चालान काटकर करोड़ों रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी वसूला है।
इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। जुर्माना भरने के बाद ये वाहन चालक फिर से उन्हीं सड़कों पर अपनी पुरानी रफ्तार से दौड़ने लगते हैं। प्रशासनिक कार्रवाई का खौफ इन चालकों में बिल्कुल नजर नहीं आता है।