हैंडबॉल नर्सरी में अभ्यास से पहले वार्मअप होते खिलाड़ी और कोच।
चरखी दादरी। खेलों में अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का नाम चमकाने वाला चरखी दादरी जिला आज भी खेल सुविधाओं का मोहताज है। राजीव गांधी और अन्य छोटे स्टेडियम में खेल सुविधाओं की कमी बनी है जबकि जिले में कोच की भी कमी बनी है। जिला खेल विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 2480 खिलाड़ी हैं। जिनमें राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान छोड़ने वाले भी खिलाड़ी है। खिलाड़ियों की संख्या के लिहाज जिले में 98 कोच तैनात होने चाहिए जबकि इस समय 17 से ही काम चलाया जा रहा है। कोच की कमी का असर सीधे तौर पर खिलाड़ियों के अभ्यास पर पड़ रहा है।
कोच की कमी से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों को अभ्यास व विभिन्न स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं की तैयारी में परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर जिला खेल उपलब्धियों के मामले में विश्व स्तर पर प्रदेश और देश का मान बढ़ा रहा है। कुश्ती व बॉक्सिंग जैसे अहम खेल के लिए भी जिले में एक-एक ही कोच हैं। विभाग ने कोच की कमी दूर करने के प्रयास जरूर किए गए हैं, लेकिन नाकाफी हैं।
बता दें कि जिले में इस समय 24 सरकारी व निजी खेल नर्सरियों में 600 खिलाड़ी विभिन्न खेलों की बारीकियां सीख रहे हैं। इनमें से 17 नर्सरी खेल विभाग की हैं जबकि 7 निजी संस्थानों में चल रही हैं। इन नर्सरियों में कुल 17 कोच तैनात हैं। ऐसे में यह कोच केवल खेल नर्सरियों में ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे सकते हैं। वहीं, कोच की कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में बने छह राजीव गांधी खेल स्टेडियमों में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
- यह है विभिन्न खेलों के लिए कोच की स्थिति:
खेल कोच की संख्या
वॉलीबाल 3
कबड्डी 3
एथलेटिक्स 3
क्रिकेट 1
बॉक्सिंग 1
कुश्ती 1
खो-खो 1
जिम्नास्टिक 1
फुटबाल 1
हॉकी 1
हैंडबाॅल 1
जिला खेल विभाग की ओर से पूरा प्रयास किया जाता है कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को निखारा जाए। विभाग की ओर से उच्च अधिकारियों को जिले में कोच की संख्या बढ़ाने की मांग की जा चुकी है। उम्मीद है कि खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार जल्द ही कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी।
-बस्तीराम, जिला खेल अधिकारी, चरखी दादरी