हर्बल पार्क में फैली गंदगी और टूटे ट्री गार्ड।
चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल में मरीजों को स्वच्छ हवा और मानसिक शांति देने के उद्देश्य से बनाया गया हर्बल पार्क आज खुद बीमार है। रखरखाव के अभाव में पार्क की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि यहां हरियाली के बजाय गंदगी और सूखे पौधों का साम्राज्य है। अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के चलते लाखों रुपये की लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट सफेद हाथी साबित हो रहा है।
औषधीय पौधों की जगह उगी खरपतवार
करीब चार साल पहले तत्कालीन जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विरेंद्र यादव की पहल पर इस पार्क का निर्माण हरित परिसर अभियान के तहत किया गया था। उस समय यहां गिलोय, तुलसी, एलोवेरा, आंवला, नीम और अश्वगंधा जैसे कई औषधीय पौधे लगाए गए थे। उद्देश्य था कि मरीजों को उपचार के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण भी मिले।
समय पर सिंचाई न होने से बेशकीमती औषधीय पौधे दम तोड़ चुके हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए लाखों खर्च कर लगाए गए ट्री-गार्ड टूटकर परिसर में कचरे की तरह बिखरे पड़े हैं। पार्क में हरी घास की जगह अब जंगली घास (खरपतवार) और गंदगी के ढेरों ने ले ली है।
पार्क में बैठना भी दूभर
अस्पताल में उपचार के लिए आए राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार और प्रकाश चंद ने बताया कि वार्डों की भीड़भाड़ से निकलकर जब मरीज शुद्ध हवा के लिए बाहर आते हैं तो उन्हें बैठने के लिए कोई साफ जगह नहीं मिलती। पार्क की हालत इतनी खराब है कि वहां बैठना तो दूर, खड़ा होना भी मुश्किल है। मरीजों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द इस पार्क का जीर्णोद्धार करे ताकि उन्हें स्वास्थ्य लाभ के साथ ताजगी का अहसास हो सके।
हॉर्टिकल्चर विभाग को सौंपी है जिम्मेदारी
स्वास्थ्य विभाग ने हर्बल पार्क के नवीनीकरण का काम हॉर्टिकल्चर विभाग को सौंपा है। कुछ समय पहले संबंधित विभाग की टीम ने निरीक्षण भी किया था लेकिन कार्य अभी तक शुरू क्यों नहीं हुआ, इस संबंध में उन्हें पत्र लिखकर जवाब मांगा जाएगा और जल्द काम शुरू करवाने का प्रयास होगा। - डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ एवं प्रवक्ता, नागरिक अस्पताल।