चरखी दादरी। नौतपा शुरू होते ही जिले में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पहले ही दिन सोमवार को सूर्य की तपिश और गर्म हवा ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जबकि 22 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने सड़कों से लेकर बाजारों तक असर दिखाया। दोपहर के समय बाजारों में आवाजाही कम रही और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर दिखे। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और हल्के भोजन लेने की सलाह दी है। अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित बीमारियों को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
बिजली कट व पेयजल की किल्लत
भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती और पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से लोगों को कूलर और पंखों की राहत भी नहीं मिल पाई। वहीं पेयजल संकट के चलते लोगों को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं। नौतपा की शुरुआत के बावजूद प्रशासन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। अमूमन पूरे शहर में पेयजल की किल्लत बनी हुई है।
बेजुबानों को सता रही गर्मी
गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण खुले स्थानों में पक्षी पानी की तलाश करते नजर आए जबकि पशुपालक पशुओं को छांव में रखने और पानी की व्यवस्था करने में जुटे रहे। पशु चिकित्सकों ने भी पशुओं को दिन के समय खुले में नहीं छोड़ने की सलाह दी है।
29 के बाद बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 4 दिनों तक लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। 29 मई तक मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है और बीच-बीच में दक्षिण-पश्चिम दिशा से गर्म हवाएं चलती रहेंगी। इससे तापमान में और बढ़ोतरी होने और लू का असर तेज होने की संभावना बनी हुई है।
वर्सन:
29 मई के बाद मौसम में कुछ बदलाव संभव है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने और राजस्थान क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने के कारण 29 मई की रात से 1 जून तक हरियाणा के कई हिस्सों में आंशिक बादलवाही, धूल भरी हवाएं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में हल्की गिरावट आने और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। - डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग