चरखी दादरी। बागवानी विभाग के तत्कालीन सलाहकार पर दूधवा निवासी एक किसान ने खजूर व मौसमी का बाग लगाने की एवज में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता किसान का कहना है कि उसे पौधों के नकली बिल भी दिए गए जिसके चलते उसे सब्सिडी राशि नहीं मिल पाई। एसपी कार्यालय में दी गई शिकायत पर संज्ञान लेकर सिटी थाना पुलिस ने डॉ. पंकज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
दूधवा निवासी सुरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2021 में उसकी मुलाकात जिला बागवानी सहलाकर डॉ. पंकज से हुई थी। डॉ. पंकज ने उसे ढाई एकड़ में मौसमी व ढाई एकड़ में खजूर का बाग लगाने की सलाह दी। इसके बाद मई 2021 में 2,23,000 रुपये पौधे लेने के लिए डॉ. पंकज को दिए। इसके बाद 22 जून 2021 को 50 हजार रुपये डॉ. पंकज के खाते में डलवाए और फिर दस हजार रुपये उसके भाई से फोन-पे करवाए।
किसान ने बताया कि इसके बाद डॉ. पंकज ने उसे कान्हड़ा बुलाकर खजूर के 156 व मौसमी के करीब 350 पौधे दे दिए। इन पौधों को उसने अपने खेत में लगवा दिया। पौधों के बिल मांगे तो उसे दो-तीन तरह के अलग-अलग तारीखों के बिल दिए गए। इसके बाद जब उसने ये बिल विभाग में जमा करवाए तो इनके नकली होने का खुलासा हुआ। इसके बाद डॉ. पंकज उसके पास आया और एक महीने का समय लेकर बोला कि पौधों की खरीद का शपथपत्र और पक्का बिल जल्द दे देगा।
किसान का आरोप है कि डॉ. पंकज ने पौधों के नकली बिल देकर और अनुदान की राशि पास करवाने के रुपये लेकर उसके साथ धोखाधड़ी की है। उसके पास इसका सबूत वाॅइस रिकार्डिंग भी है। किसान ने बताया कि उसकी ओर से डॉ. पंकज को विभिन्न माध्यम से कुल 4 लाख 80 हजार रुपये दिए गए थे।
इस संबंध में दूधवा निवासी किसान ने एसपी कार्यालय में शिकायत दी थी। शिकायत पर संज्ञान लेकर पुलिस ने डॉ. पंकज के खिलाफ धारा 406 व 420 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
-राजकुमार, सिटी थाना प्रभारी, चरखी दादरी