लघु सचिवालय में जिंद के राजा ने बनवाई थी जेल, प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं सैकड़ों राहगीर
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। लघु सचिवालय में 100 साल पहले बने जेल भवन की दीवार गिरने से समीप खड़ीं दो कारें मलबे के नीचे दबने से क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई। अधिवक्ताओं ने जर्जर जेल भवन को गिराने की मांग की है।
लघु सचिवालय स्थित अधिवक्ताओं के डी ब्लॉक चैंबर के पास पुराने जमाने में जेल भवन बनाया गया था। जेल का भवन पुराना होने के कारण कई जगह से गिर भी चुका है। शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद अचानक भवन की दीवार गिर गई। भवन के पास खड़ीं अधिवक्ता पंकज और राहुल की कारें मलबे के नीचे दब गईं। इससे दोनों कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिवक्ताओं को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
बार एसोसिएशन प्रधान नसीब राणा ने बताया कि भवन को गिराने के लिए कई बार जिला उपायुक्त व पुरातत्व विभाग को लिखित में शिकायत दर्ज करवाई गई है। शायद प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन से जर्जर जेल भवन को तोड़वाने की मांग की है। ताकि, समय रहते किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
हर रोज गुजरते हैं सैकड़ों राहगीर
लघु सचिवालय में जरूरी कार्य से हर रोज 500 से अधिक राहगीरों का आवागमन होता है। बारिश के कारण बचा हुआ मलबा कभी भी बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन को चाहिए कि समय रहते जर्जर जेल भवन को गिरवाने के लिए उचित कदम उठाए।
जींद रियासत के समय बनी थी जेल
स्थानीय बार एसोसिएशन सचिव मनोज जांगड़ा, मोहित शर्मा, विकास फोगाट, राजीव कुमार, दलबीर सिंह आदि ने बताया कि जेल का निर्माण लगभग 100 साल पहले जींद के राजा ने करवाया था। जेल भवन का रख-रखाव नहीं करने के कारण इसकी हालत खराब होती चली गई। इसकी चहारदीवारी गिर रही है।
फोटो: 19 डी ब्लॉक चैंबर के पास गिरी दीवार के मलबे के नीचे दबीं कारें। संवाद