अमर उजाला एक्सकलूसिव:
- कृषि विभाग की टीमों ने सर्वे के आधार पर तैयार की रिपोर्ट, 12,000 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी। कृषि विभाग की टीमों ने जिले में ओलावृष्टि से प्रभावित फसल के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट में जिले का कुल 25 हजार एकड़ क्षेत्र प्रभावित मिला है। इसमें 12,000 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। यह नुकसान सरसों की फसल में मिला है।
इसी प्रकार, शेष 13 हजार एकड़ में कहीं 25 तो कहीं 25 से 50 प्रतिशत तक हुआ है। यह नुकसान 35 गांवों में हुआ है। विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को भेज दी है। वहीं, क्षतिपूति पोर्टल खोलने के लिए भी कृषि कार्यालय को मंगलवार को पत्र मिल गया है।
28 दिसंबर को हुई बारिश एवं ओलावृष्टि की मार से सरसों व गेहूं के अलावा सभी प्रकार की फसल को नुकसान हुआ है। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 358 हेक्टेयर है। कृषि विभाग की 20 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीमों ने रविवार व सोमवार दो दिन में नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। टीमों ने गांवों में फसल के नुकसान का जायजा लिया है। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
रिपोर्ट में जिले का 25,000 एकड़ क्षेत्र ओलों की मार से प्रभावित हुआ है। इसमें 12,000 एकड़ फसल में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान दिखाया गया है। यह नुकसान सरसों की फसल में दिखाया गया है। टीम ने गेहूं में नुकसान नहीं होने की बात कही है। इसी प्रकार रिपोर्ट में शेष 13,000 एकड़ में कहीं 0 से 25 तो कही 25 से 50 प्रतिशत तक नुकसान होने का आकलन किया है। यह रिपोेर्ट विभाग के डीडीए को भेज दी गई है।
- इन गांवों में हुआ है नुकसान
विभाग की रिपोर्ट में जिन गांवों में नुकसान हुआ है, उनमें मौड़ी, मकड़ाना, रामनगर, कपूरी, मंदोला, घसोला, दूधवा, आदमपुर, गोठड़ा, संतोकपुरा, ढाणी फोगाट, लांबा, कोहलावास, झींझर, बौंदकलां, रानीला, अचीना व भागेश्वरी सहित 35 गांव शामिल हैं। इन सभी 35 गांवों में नुकसान हुआ है।
- किसान संगठन कर रहे मुआवजे की मांग
किसान संगठन आए दिन जिला प्रशासन को नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। डीआरओ को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। भाकियू जिला प्रधान हरपाल भांडवा का कहना है कि सरकार को प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देना चाहिए। पिछले मौसम में नुकसान का मुआवजा भी आज तक नहीं मिला है। सरकार को किसानों की सुध लेनी चाहिए। किसान समय-समय पर प्राकृतिक मार से जूझ रहा है।
- क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलने का पत्र जारी
नुकसान की शिकायत दर्ज करवाने के लिए सरकार ने कृषि विभाग कार्यालयों में क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलने संबंधी पत्र जारी कर दिया है। प्रभावित किसान इस पोर्टल पर फसल नुकसान की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इस पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों पर ही सरकार अमल करेगी। जिले भर में करीब 67 हजार किसान खेती करते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा करीब 32 हजार किसान ही उठा रहे हैं।
वर्सन:
फसल में नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर डीडीए को भेज दी है। जिले में ओलों की मार से 25 हजार एकड़ में फसल प्रभावित मिली है। किसान नुकसान की शिकायत क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवा सकते हैं। ओलों की मार से 35 गांवों में फसल प्रभावित हुई है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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सरसों के खेत में नुकसान का आकलन करती कृषि विभाग की टीम। संवाद
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ओलावृष्टि की मार से प्रभावित फसल। संवाद