चरखी दादरी। सर्वहित साधना न्यास की ओर से गांव डोहकी में चल रहे व्यायाम प्रशिक्षण एवं चरित्र निर्माण शिविर लगाया गया। जिला संचालक स्वामी सच्चिदानंद ने शिविरार्थियों को स्वस्थ शरीर और बेहतर समाज के निर्माण के लिए जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के दुर्व्यसन, दुर्गुण और नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
स्वामी ने कहा कि व्यसन भी एक अज्ञानता है। इसके वशीभूत होकर मनुष्य अंधकार की ओर बढ़ता जा रहा है। अपने उज्ज्वल भविष्य को बनाने के लिए इन व्यसनों से मुक्त रहना होगा। उन्होंने कहा कि नशा नाश की जड़ है। किशोरावस्था में विद्यार्थी बुरी संगति, अज्ञानता आदि कारणों से नशे की चपेट में आ जाते हैं। नशा व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म कर देता है। नशा मानसिक बीमारी है, ऐसा बीमार व्यक्ति परिवार और समाज को भी बीमार कर देता है।
कहा कि समाज में जितनी भी बुराइयां हैं, सबकी जड़ नशा है। हमें प्रयास करना होगा कि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हों। लोगों को ये समझना होगा कि नशा केवल व्यक्ति का व्यक्तिगत नुकसान ही नहीं करता अपितु नशा न करने वाले लोगों व समाज को भी नशे के कारण गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। इस कुरीति को समाप्त करने के लिए समाज के लोगों को आगे आना ही होगा।