बेपटरी सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पार्षदों की मांगे अब परवान चढ़ती नजर आ रही हैं। नप अधिकारी नया स्वच्छता प्लान तैयार करने में जुटे हैं और बुधवार तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। नप सूत्रों की मानें तो हर वार्ड को एक स्थायी ऑटो टीपर दिया जाएगा, ताकि वार्ड के सभी घरों को डोर-टू-डोर कचरा उठान कवर किया जा सके। इसके अलावा जिन वार्डों में बाजार हैं वहां सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर दोगुनी की जा सकती है ताकि एक ही दिन में बाजार की सड़कों के साथ वार्ड की गलियों से भी कचरे का उठान किया जा सके।
पिछले सप्ताह ही सफाई व्यवस्था को लेकर करीब 12 पार्षदों ने नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया था। उसके कुछ देर बाद सफाई कर्मचारी पार्षदों के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। पार्षदों ने नप कार्यालय के प्रथम तल पर तो सफाई कर्मियों ने भू-तल पर धरना दिया था। इसके बाद ईओ अभे सिंह यादव ने पार्षदों को वार्ता के लिए बुलाया था। करीब दो घंटे चली इस बैठक में पार्षदों ने सफाई व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर की थी। पार्षदों के आरोप थे कि जिला स्तर पर होने वाले आयोजनों में सफाई कर्मियों की ड्यूटियां लगाने से पिछले 15 दिनों से वार्डों में सफाई व्यवस्था बेपटरी है। पार्षदों ने ईओ को सुझाव दिया था कि श्रमिकों की जरूरत पड़ने पर सफाई कर्मियों की बजाय आउट सोर्सिंग पर श्रमिक हायर कर जिला प्रशासन को दिए जाए ताकि सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके अलावा भी पार्षदों ने कई अन्य सुझाव ईओ व अन्य अधिकारियों के सामने रखे थे।
इन सुझावों पर अमल करने के लिए नप अधिकारियों ने प्लान तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो अधिकारी रूपरेखा तैयार कर चुके हैं और अब अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। अगले तीन-चार दिन में स्वच्छता प्लान को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और इसके बाद शहर से कचरे का उठान नए प्लान के मुताबिक होगा। नए प्लान के तहत कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर में भी फेरबदल किया जाएगा। नई प्लान में अधिकारियों ने प्रतिदिन दो शिफ्ट में कचरे का उठान करने के बिंदु को प्रमुखता से शामिल किया है।
अब दस ऑटो टीपर कवर कर रहे 16 वार्ड
परिवर्तन कार्यक्रम के तहत शहरी स्थानीय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने दादरी शहर को गोद ले रखा है। करीब एक साल पहले उन्होंने नप के बेड़े में संसाधनों की कमी को देखते हुए एक करोड़ 83 लाख रुपये का बजट दिया था। इस बजट से स्वीपिंग मशीन खरीदी जा चुकी है जबकि दस ऑटो टीपरों सहित 20 ई-रिक्शा, डंपर प्लेजर की अगले एक सप्ताह में डिलीवरी हो जाएगी। नए ऑटो टीपर आते ही हर वार्ड को एक स्थायी टीपर दे दिया जाएगा। वहीं, ई-रिक्शा तंग गलियों से कचरे का उठान करने में मददगार साबित होंगी। अभी नप के पास दस ऑटो टीपर हैं जो 16 वार्ड कवर कर रहे हैं।
बाजार वाले वार्डों में भेजे जाएंगे 15 से 20 कर्मचारी
शहर में वार्डों की संख्या 21 हैं। इनमें से वार्ड चार, पांच, छह, सात, दस, 13, 16, 20 वार्ड में बाजार भी हैं। इन वार्डों का दायरा भी बड़ा है इसलिए यहां सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाने की दरकार है। नप सूत्रों की मानें तो नए प्लान के मुताबिक इन वार्डों में 15 से 20 कर्मचारी भेजे जाएंगे। बाजार की सड़कों और वार्ड की गलियों में अलग-अलग कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जाएंगी। नप अधिकारियों की मानें तो वार्डों में जरूरत के मुताबिक सफाई कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जाएगी।
ये है नगर परिषद के मौजूदा संसाधनों का दायरा
कुल सफाई कर्मी - 187
पक्के कर्मचारी - 56
डीसी रेट कर्मचारी - 91
आउट सोर्सिंग कर्मचारी - 40
लोडर - 01
ट्रैक्टर-ट्रॉली - 05
लोहा डस्टबिन - 60
स्टील डस्टबिन - 50
हाथ रेहड़ी - 100
ऑटो टीपर - 10
कूड़ा फेंकने पर 40 लोगों कर चुके चालान: एसआई
हर वार्ड को एक स्थायी ऑटो टीपर दिया जाएगा और प्रत्येक ऑटो टीपर दो शिफ्टों में वार्ड की गलियों को कवर करेगा। लोगों से अपील है कि सूखा और गीला कचरा टीपर के अलग-अलग कंपार्टमेंट में डालें। अगर कोई खुले में कचरा डालता पाया गया तो हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक से पांच हजार तक के चालान का प्रावधान है। अब तक 40 चालान हम काट चुके हैं। सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए हम प्रयासरत है।
विजय शर्मा, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद