चरखी दादरी/बाढड़ा। अब सीवर-पेयजल के साथ ही घरों में शौचालयों की कुई साफ करने का काम भी जनस्वास्थ्य विभाग संभालेगा। गांवों में प्रत्येक घर में कुई बनी हुई है। इन कुई की समय-समय पर सफाई करनी पड़ती है। इन कुई का मल सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में डालने का प्रावधान किया गया है। कुई साफ करवाने के लिए टैंकर होल्डर्स पंजीकृत कर रखे हैं।
स्वच्छता मिशन 2.0 के तहत घरों में शौचालयों की कुई साफ करने पर ज्यादा बल दिया जा रहा है। आमतौर पर आम आदमी शौचालय की कुई की सफाई प्राइवेट टैंकर होल्डर से करवा लेता है। टैंकर होल्डर इस मल को किसी सार्वजनिक स्थान पर खुले में डाल देता है। यह पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में यह समस्या ज्यादा विकट बनी हुई है। इसके लिए लोग जागरूक नहीं हैं।
गांवों में स्वच्छता मिशन के तहत कचरा प्रबंधन के लिए शेड भी बनाए गए हैं। ताकि, लोग कचरा इन शेड में डाल सकें। शेड से कचरा उठान के लिए समय-समय पर एजेंसी से अनुबंध किया जाता है। ताकि, कचरे का नियमित रूप से प्रबंधन होता रहे। शेड तक कचरा पहुंचाने के लिए भी विभाग ने प्रबंध कर रखा है। सफाई कर्मचारियों को भी तैनात कर रखा है। ग्रामीण क्षेत्र में खुले में शौच पर काफी हद तक अंकुश लग पाया है। लोग शौचालयाें के प्रति स्वत: जागरूक बने हुए हैं। संवाद
विभाग की सीवर शाखा में देनी होगी शिकायत
अब शौचालयाें की कुई से जुड़ी समस्या के लिए आम आदमी को जनस्वास्थ्य विभाग के पास शिकायत दर्ज करवानी होगी। जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर शाखा इस काम को देखेगी। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग भी करेंगे। ताकि, कामकाज में कमियों का पता चलता रहे। सरकार एवं प्रशासन नहीं चाहता कि कोई कारक पर्यावरण में बाधक न बने। पर्यावरण एवं स्वच्छता बनी रहे।
शौचालयाें की कुई से जुड़ीं समस्याएं एवं शिकायतों का निपटारा करने का काम जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। आमजन को जनस्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी होगी। स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए आमजन को भरपूर सहयोग करना चाहिए।
-सतीश कुमार, प्रबंधक, स्वच्छता मिशन