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- जांच कर रहे विजिलेंस डीएसपी ने जांच में शामिल होने के लिए तीन डिप्टी सीएमओ समेत जिला लेखाकार, फार्मेसी ऑफिसर, जिला प्रोग्राम मैनेजर को भेजा सूचनापत्र
- 28 को विजिलेंस कार्यालय में पहुंचकर दर्ज कराने होंगे बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हेल्थ वेलनेस सेंटर्स के सामान खरीद में घोटाले की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। शिकायतकर्ता के बाद उन अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिन पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा था। वहीं, अब इस मामले में विजिलेंस डीएसपी स्वास्थ्य विभाग के 7 अधिकारियों और कर्मचारियों के भी बयान दर्ज करेंगे। इसके लिए सीएमओ को नाम भेजे जा चुके हैं।
वहीं, विजिलेंस डीएसपी की ओर से आया पत्र कार्यवाहक सीएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक ने सातों अधिकारियों व कर्मचारियों के पास भेज दिया है। सूत्रों की मानें तो इनके बयान इसलिए दर्ज किए जा रहे हैं कि पुख्ता तथ्य जुटाए जा सकें। इन सातों अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने बयान दर्ज कराने के लिए 28 मार्च को सुबह 10 बजे गांव भैरवी स्थित किसान मॉडल स्कूल में संचालित विजिलेंस डीएसपी कार्यालय बुलाया गया है।
जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को बयान दर्ज कराने के लिए विजिलेंस डीएसपी ने बुलाया है, उनमें चार उप सिविल सर्जन, जिला लेखाकार, फार्मेसी ऑफिसर, प्रोग्राम मैनेजर शामिल हैं। वहीं, कार्यवाहक सीएमओ डॉ. मलिक ने डीएसपी विजिलेंस की ओर से भेजे गए पत्र क्रमांक संख्या 33 की जानकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. कुलवंत, डॉ. नरेंद्र, डॉ. आशीष मान व डॉ. संजय गुप्ता समेत जिला लेखाकार भारत भूषण, फार्मेसी ऑफिसर लक्ष्मीनारायण व जिला प्रोग्राम मैनेजर संजय को दे दी है। हालांकि, मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में इनमें से किसी पर आरोप नहीं है। जांच को सही दिशा में ले जाने के लिए इनके बयान दर्ज कर तथ्य जुटाने का प्रयास किया जाएगा।
- यह है पूरा मामला
सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र जटासरा ने 9 मई 2024 को मुख्यमंत्री के पास शिकायत भेजी थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन सीएमओ समेत दो डिप्टी सीएमओ पर हेल्थ वेलनेस सेंटर्स के लिए 22.50 लाख का डायग्नोस्टिक सामान खरीदने में 50 प्रतिशत कमीशन लेकर भ्रष्टाचार करने का आरोप है। इस शिकायत की एक प्रति हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव समेत एडीजीपी सीआईडी, विजिलेंस पंचकूला, विजिलेंस रोहतक व हिसार को भी भेजी थी। इस मामले में विजिलेंस जांच शुरू हो चुकी है। विजिलेंस डीएसपी शिकायतकर्ता के अलावा उन अधिकारियों के बयान दर्ज कर चुके हैं, जिन पर घपला करने का आरोप था। अब स्वास्थ्य विभाग के 7 अधिकारियों व कर्मचारियों के भी बयान दर्ज होंगे।