चरखी दादरी। जिला परिषद के प्रधान और उपप्रधान पद का चुनाव पार्षदों के नदारद रहने से बुधवार को फिर से टल गया। खास बात यह रही कि पहले तारीख की तरह ही दूसरी तारीख पर भी चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। सुबह 11:20 तक इंतजार करने के बाद चुनाव कराने पहुंची टीम लौट गई। चुनाव स्थगित होने की घोषणा होते ही सुरक्षा में तैनात पुलिस टीमें भी लौट गईं। वहीं, जिला प्रशासन ने अब चुनाव की तीसरी तारीख 23 जनवरी तय की है।
बता दें कि दादरी जिला परिषद की स्वतंत्र कार्यकारिणी पहली बार चुनी गई है। इससे पहले दादरी भिवानी जिला परिषद के अधीन था। पहली बार में जिला परिषद में 11 वार्ड तय कर प्रशासन ने चुनाव कराया है। इनमें से प्रधान और उपप्रधान चुनने की प्रक्रिया अभी बाकी है। प्रशासन ने पहली बार प्रधान व उपप्रधान पद के चुनाव के लिए 24 दिसंबर तय की थी। तय तारीख पर चुनाव कराने टीम तो पहुंची, लेकिन एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रशासन ने चुनाव की दूसरी तारीख 18 जनवरी तय की थी।
बुधवार को भी स्थिति पहले जैसी रही और सभी 11 पार्षदों ने चुनाव प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी। वहीं, चर्चा रही कि एक पार्षद पर भाजपा और जजपा समर्थक प्रत्याशी की निगाहें टिकी हैं। दोनों खेमों के पास पांच-पांच वोट हैं जबकि जीत के लिए एक खेमे को छह वोट चाहिए। इसके अलावा चुनाव के मद्देनजर जजपा प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला भी बुधवार को दादरी पहुंचे। चर्चा रही कि भाजपा और जजपा की सहमति के लिए बैठक भी हुई। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। दूसरी ओर सुबह 11:20 तक इंतजार करने के बाद भी पार्षदों के न पहुंचने पर प्रशासन ने चुनाव स्थगित कर 23 जनवरी की अगली तारीख तय कर दी।
- लघु सचिवालय में कड़े रहे सुरक्षा प्रबंध
जिला परिषद चुनाव के मद्देनजर लघु सचिवालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पार्षदों के चुनाव हॉल तक पहुंचने के लिए एक गेट रिजर्व रखा गया और यहां 20 पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके अलावा लघु सचिवालय के मेन गेट पर भी सुरक्षा के बंदोबस्त चौकस रहे।
- भाजपा पंचायत की पांचवीं सीट कब्जाने की तैयारी में तो जजपा खाता खोलने की फिराक में
जिला परिषद के प्रधान और उपप्रधान पर जजपा और भाजपा दोनों की निगाहें टिकी हैं। भाजपा का प्रयास है कि चारों खंड पंचायत समिति में प्रधान और उपप्रधान अपने बनाने के बाद जिला परिषद के प्रधान व उपप्रधान की सीट भी अपने खाते में डाली जाए। इससे जिला परिषद और पंचायत समिति की सीटों पर भाजपा का एकतरफा कब्जा हो जाएगा। वहीं, जजपा का प्रयास है कि खंड पंचायत समिति चुनाव के दर्द को भूलाकर जिला परिषद प्रधान की कुर्सी अपने उम्मीदवार को दिलाकर खाता खोला जाए।
बुधवार को जिला परिषद प्रधान और उपप्रधान का चुनाव होना था, लेकिन एक भी पार्षद न पहुंचने से इसे स्थगित करना पड़ा। अब 23 जनवरी की तारीख चुनाव के लिए तय की गई है।
-प्रीति, दादरी उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी