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दादरी कोर्ट परिसर में विश्राम कक्ष नहीं: अधिवक्ता लाइब्रेरी में चला रहे काम, अब तक परवान नहीं चढ़ पाई मांग

Wed, 04 Dec 2024 03:44 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी (हरियाणा)

सार

दादरी में अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। फिलहाल 1000 से अधिक अधिवक्ता हैं और कुछ अधिवक्ता तो बाहर से आते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं को विराम कक्ष की आवश्यकता रहती है। पूरे दिन आवागमन के कारण अधिवक्ता लाइब्रेरी में आराम नहीं कर पाते हैं।
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चरखी-दादरी कोर्ट - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चरखी-दादरी कोर्ट परिसर में विश्राम कक्ष न होने से अधिवक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब अधिवक्तओं व बार एसोसिएशन ने महिला व पुरुष अधिवक्ताओं के लिए अलग-अलग विश्राम कक्ष बनाने की मांग की है। बता दें कि बार एसोसिएशन के पास लाइब्रेरी कक्ष है और इसमें ही कार्यालय बनाया गया है। इसके साथ पहली मंजिल पर भी एसोसिएशन की लाइब्रेरी थी। लेकिन कोर्ट की संख्या बढ़ने से जगह की कमी पड़ने लगी। इसके चलते एक कोर्ट पहली मंजिल की लाइब्रेरी में संचालित की जाने लगी।

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अब एसोसिएशन के पास केवल एक ही लाइब्रेरी है। इसमें महिला व पुरुष अधिवक्ता अपना लंच और कुछ देर आराम करते हैं। लंबे समय से एसोसिएशन की नया विश्राम कक्ष व बार हॉल बनाने की मांग रही है। लेकिन अभी तक बाद सिरे नहीं चढ़ पाई। एसोसिएशन की ओर से कई बार जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार को अवगत कराया गया है। अब तो लाइब्रेरी व कार्यालय का दायरा भी छोटा पड़ने लगा है और बैठक आदि के लिए उन्हें कार्यालय के बजाय लाइब्रेरी का उपयोग करना पड़ता है। इसलिए अब जल्द प्रशासन को अधिवक्ताओं के लिए विश्राम जगह उपलब्ध करानी चाहिए।

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अधिवक्ता व पदाधिकारी बोले
अधिवक्ताओं के लिए एक ऐसा कक्ष होना चाहिए जिसमें वे आराम कर सकें। पूरे दिन तारीख लेने और गवाही आदि कार्य से शारीरिक गतिविधि अधिक रहती है। -मनोज जांगड़ा, सचिव।

फिलहाल विश्राम कक्ष अभाव में सभी अधिवक्ता लाइब्रेरी से ही काम चला रहे हैं। इसके अलावा कई बाहर शेड में बैठते हैं तो कोई अन्य अधिवक्ताओं के चैंबर में भी बैठ जाते हैं। -पंकज सिंह, कोषाध्यक्ष।

अधिवक्ताओं के लिए मॉडर्न हॉल व कार्यालय निर्माण की आवश्यकता है। फिलहाल एक हजार से अधिक अधिवक्ता हैं और बैठने के लिए लाइब्रेरी की जगह कम है। -गौरव फोगाट, पूर्व सचिव।

महिलाएं फिलहाल लाइब्रेरी में ही पुरुषों के साथ बैठती हैं। लेकिन महिलाओं को अलग कक्ष मुहैया कराना चाहिए। लाइब्रेरी में विश्राम करना उचित नहीं और न ही वे ठीक से आराम कर पाती हैं। -पूनम मलिक, अधिवक्ता।
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अधिकारी के अनुसार
अब अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। फिलहाल 1000 से अधिक अधिवक्ता हैं और कुछ अधिवक्ता तो बाहर से आते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं को विराम कक्ष की आवश्यकता रहती है। पूरे दिन आवागमन के कारण अधिवक्ता लाइब्रेरी में आराम नहीं कर पाते हैं। प्रशासन को अब जल्द इस पर संज्ञान लेना चाहिए और महिला व पुरुषों के लिए अलग विश्राम कक्ष बनवाने चाहिए। -नसीब राणा, प्रधान, एसोसिएशन।

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