सोमवार सुबह आसमान में छाया स्मॉग।
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जिले के लोगों को स्मॉग की परेशानी से अभी निजात नहीं मिल पायी है। सिविल अस्पताल में श्वास एवं हृदय संबंधी रोगियों की ओपीडी 50-60 से बढ़कर 100 तक पहुंच गई है। डीसी ने स्कूलों में पांच नवंबर तक अवकाश घोषित कर रखा है। सोमवार को भी आसमान स्मॉग की चादर से ढका रहा। दिनभर सूर्य का प्रकाश फीका बना रहा। इस मौसम में लोग आंखों में जलन महसूस कर रहे हैं।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से जिले में स्मॉग का असर बना हुआ है। स्मॉग खासकर दमा एवं श्वास रोगियों के लिए ज्यादा नुकसान दायक है। इससे बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। लोग अब मुंह पर कपड़ा ढांपकर बाहर निकलने को विवश हैं, ताकि प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचा जा सके। स्मॉग अब पूरी तरह से वायुमंडल में फैल गया है। शनिवार को हुई बारिश के बाद भी इसका असर कम नहीं हो पाया है। स्मॉग की वजह से दिन में सूर्य भी दिखाई नहीं देता। सूर्य का प्रकाश फीका रहता है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वायु प्रदूषण का असर अब मानव ही नहीं, पशु- पक्षी व अन्य जीव-जंतुओं पर भी पड़ने लगा है।
सिविल अस्पताल में खासकर श्वास एवं दमा रोगियों की ओपीडी 50-60 से बढ़कर 100 तक पहुंच गई है। श्वास व हृदय संबंधी रोगियों को ज्यादा परेशानी हो रही है। अस्पताल में इन रोगियों के लिए विशेष उपचार की व्यवस्था की गई है। चिकित्सकों की टीमें सतर्क बनी हुई हैं। मरीजों को स्मॉग से बचाव के तौर-तरीके भी बताए जा रहे हैं। शनिवार को विभिन्न भागों में हुई बारिश के बाद अब पराली जलने पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा, क्योंकि खेतों में खड़ी पराली अब बारिश से भीग गई है। ऐसे मेें स्मॉग से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
स्कूल और कॉलेज रहे बंद
प्रशासन ने स्कूलों में पांच नवंबर तक अवकाश घोषित कर रखा है, ताकि बच्चों को स्मॉग के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके। स्कूल प्रबंधकों को सख्त हिदायत है कि सरकार के इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। रविवार शाम ही जिला उपायुक्त धर्मवीर सिंह ने इस संबंध में शिक्षा विभाग अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे।