चरखी दादरी। नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। पिछले दो दिनों से शहर में कचरे का उठान न होने से सफाई व्यवस्था बेपटरी है। शहर की सड़कों और घरों में पिछले दो दिन से 40 टन कचरा सड़ रहा है और उठान के लिए नगर परिषद टीम न पहुंचने से लोग परेशान हैं। दूसरी ओर वीरवार को भी 180 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं नगर परिषद के एक भी वाहन ने शहर से कचरे का उठान नहीं किया।
दादरी शहर की अगर बात करें तो प्रतिदिन 20 टन के लगभग कचरा निकलता है। नगर परिषद के 26 वाहन शहर में विभिन्न जगहों से कचरे का उठान कर डंपिंग यार्ड पर निस्तारित करते हैं। कचरा निस्तारण के लिए नगर परिषद के ये वाहन प्रतिदिन करीब 300 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। पिछले दो दिनों से सफाई कर्मचारी और चालक हड़ताल में शामिल होने से डोर-टू-डोर के साथ बाजारों से कचरा उठान सेवा प्रभावित है। वहीं, नगर परिषद अधिकारियों का तर्क है कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के ड्यूटी पर लौटते ही शहर से कूड़े का उठान करवा दिया जाएगा।
दूसरी ओर हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने वीरवार दूसरे दिन भी नगर परिषद कार्यालय में धरना दिया। एसोसिएशन प्रधान सूरज ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में सफाई कर्मी लामबंद हैं और इसकी बानगी वो दो दिवसीय हड़ताल में दिखा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वीरवार को नगर परिषद चेयरमैन बक्शीराम सैनी उनके पास पहुंचे और उन्हें मांगों से अवगत करवाया गया।
- 14 अस्थायी डंपिंग प्वाइंट समेत 20 हजार मकानों से नहीं उठा कचरा
शहर में करीब 14 अस्थायी डंपिंग प्वाइंट हैं। पिछले दो दिनों से कचरे का उठान न होने के चलते यहां ढेर लग गए हैं। बेसहारा पशु मुंह मारकर कचरे को और ज्यादा फैला रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि सूखा कचरा तो वो रखे सकते हैं, लेकिन गीला कचरा दो दिनों से घरों में सड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को हड़ताल के मद्देनजर वैकल्पिक व्यवस्था पहले से ही करनी चाहिए थी।
- शहर में इन जगहों पर लगे हैं कचरे के ढेर
रोहतक चौक, मातृ-शिशु अस्पताल के सामने, बस स्टैंड रोड, पुराना डाकघर, रोहतक रोड, महेंद्रगढ़ चुंगी, पूर्ण मार्केट के पिछली तरफ, लोहारू रोड पर एमसी कॉलोनी के समीप, चंपापुरी, रोहतक फाटक, ढाणी फाटक आदि क्षेत्रों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं।
कर्मचारियों की ये हैं प्रमुख मांगें
- प्राइवेट एजेंसी से डोर-टू-डोर कचरा उठान न करवाया जाए।
- करीब एक साल पहले हटाए गए 27 कर्मचारियों को बहाल किया जाए।
- कार्यालय में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को फील्ड में उतारा जाए।
- पार्कों और सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव का ठेका एजेंसी को न दिया जाए।
लोग बोले : वैकल्पिक व्यवस्था होती तो नहीं झेलनी पड़ती परेशानी -
- कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर अधिकारियों को समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसका हर्जाना पिछले दो दिन से शहरवासी भुगत रहे हैं।
नितिन ग्रेवाल, वार्ड-1
- कचरा प्रतिष्ठानों और डंपिंग प्वाइंट पर सड़ रहा है। आलम यह है कि स्थानीय लोगों और दुकानदारों के अलावा राहगीर दुर्गंध से परेशान हैं। नगर परिषद अधिकारियों को कचरा उठवाना चाहिए।
संदीप कुमार, वार्ड-16
- गंदगी के ढेर से आने वाली दुर्गंध घरों व दुकानों के अंदर तक पहुंच रही है। जबकि तेज हवा के साथ कचरा भी प्रतिष्ठानों के अंदर पहुंच रहा है। लोग इस समस्या से बेहद परेशान हैं।
संजय, वार्ड-7
कचरे का उठान नहीं होने के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। कचरा सड़कों के अलावा घरों में सड़ रहा है और पिछले दो दिनों से टीम कचरे का उठान करने नहीं पहुंच रहीं।
-दिनेश, वार्ड-6
अधिकतर कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और किसी भी कर्मचारी ने शहर की सफाई के लिए झाड़ू नहीं उठाई। नगर परिषद कार्यालय से कचरा उठान के लिए दोनों दिन एक भी वाहन नहीं निकला।
- सूरज कुमार, प्रधान, दादरी नगर परिषद सफाई कर्मचारी एसोसिएशन
कर्मचारियों के बीच पहुंचा था और उन्होंने अपनी मांगें मेरे समक्ष रखीं। ये मांगे प्रदेश स्तरीय हैं। ये मांगें सरकार के पास भेजने का आश्वासन दिया है। कर्मचारियों के काम पर लौटते ही शहर में कचरे का उठान तत्परता से करवाया जाएगा।
-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
रोहतक रोड पर दूर तक फैला कचरा।- फोटो : CharkhiDadri
सफाई कर्मचारियों से बातचीत करने पहुंचे चेयरमैन बक्शीराम सैनी।- फोटो : CharkhiDadri