चरखी दादरी। एच3एन2 इन्फ्लूएंजा संक्रमण एकतरफ देश में जानलेवा साबित हो रहा है तो दूसरी ओर जिले में इसकी जांच तक की सुविधा नहीं है। अगर किसी मरीज में संक्रमण मिले तो स्वास्थ्य विभाग के पास उसे रोहतक पीजीआई रेफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। आलम ये है कि संसाधनों की कमी के चलते जिला स्वास्थ्य विभाग इसकी सैंपलिंग तक शुरू नहीं कर पा रहा है।
बता दें कि देश में तीन हजार लोग एच3एन2 इन्फ्लूएंजा संक्रमण से पीड़ित हो चुके हैं। कुछ मरीजों की तो इससे मौत भी हो चुकी है। संवाददाता ने शनिवार को जब इसके मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का जायजा लिया तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। पड़ताल में सामने आया कि दादरी जिले में टेस्टिंग मशीन की कमी है और इसके चलते इसके सैंपल तक विभाग नहीं ले सकता। इतना ही नहीं अगर कोई संक्रमण से कोई पीड़ित हो जाए तो उसके उपचार के लिए जिले में सभी विशेषज्ञ भी नहीं है। ऐसे में विशेषज्ञों और संसाधनों के अभाव में मरीज को रेफर करना ही जिला स्वास्थ्य विभाग के पास विकल्प है।
नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि फिलहाल जिले में इन्फ्लूएंजा संक्रमण का एक भी केस नहीं है। हालांकि बावजूद इसके मुख्यालय की ओर से अलर्ट रहने के निर्देश मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन्फ्लूएंजा की जांच के लिए कुछ मशीनों की सुविधा सिविल अस्पताल में नहीं है और इसके चलते अगर कोई संदिग्ध या संक्रमित मिलता है तो उसे उपचार के लिए रोहतक पीजीआई ही रेफर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पांच जिलों में ही इन्फ्लूएंजा जांच की सुविधा है।
- कोरोना सैंपलिंग भी घटी
दादरी जिले में इस समय कोरोना सैंपल की संख्या भी काफी कम है। पिछले दस दिनों से प्रतिदिन औसतन करीब दस सैंपल ही लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लोग भी अब कोरोना जांच करने में कम ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया जिले में कोरोना का भी एक भी केस इस समय नहीं है।
- इन अंगों पर असर डालता है संक्रमण
नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा संक्रमण शरीर के कई अंगों पर असर डालता है। इसका असर मुख्यत: फेफड़ों, छाती, दिल, किडनी और दिमाग पर पड़ता है। बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, छाती से आवाज आना, छाती में दर्द होना और दौरा पड़ना इसके लक्षण हैं।
- ये बरतें सावधानियां
अगर किसी को संक्रमण के लक्षण नजर आए तो उसे विभिन्न सावधानियां बरतनी चाहिए। संक्रमित को मास्क पहनना चाहिए और भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। इसके अलावा उसे नाक और मुंह को नहीं छूना चाहिए। संक्रमित को दूसरे से हाथ नहीं मिलाना चाहिए और समूह में बैठकर खाना नहीं खाना चाहिए। बिना चिकित्सक से परामर्श लिए दवा का सेवन भी न करें।
फिलहाल दादरी सिविल अस्पताल में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा जांच की सुविधा नहीं है। इसके लिए मरीज को रोहतक पीजीआई रेफर करेंगे और सैंपल से लेकर उपचार तक उसे वहीं मिलेगा। दादरी में ऐसा एक भी केस अभी नहीं है।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, कोरोना नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ