अमर उजाला एक्सकूलसिव:
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गांव ऊण में आरसीसी टैंक निर्माण के बाद भरा गया नहरी पानी। संवाद
- ऊण गांव की पेयजल परियोजना पर जनस्वास्थ्य विभाग ने शुरू कराया काम, आरसीसी के बनेंगे टैंक, 7500 मीटर लंबी डाली जाएगी पेयजल लाइन
- जलघर की बढ़ाई जाएगी भंडारण क्षमता, एजेंसी ने शुरू किया काम
जगदीप सिंह
चरखी दादरी। जिले के गांव ऊण में पेयजल संबंधी समस्या का स्थायी समाधान करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने परियोजना पर काम शुरू करवा दिया है। 6.44 करोड़ की परियोजना से गांव के जलघर में नए टैंक बनाकर पानी भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी। पेयजल लाइन भी नई डाली जाएगी।
अहम बात यह है कि एजेंसी पेयजल परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। कार्य पूरा होने के बाद 4 हजार की आबादी को राहत मिलेगी। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि अप्रैल माह के अंत तक परियोजना के पूरा होने की संभावना है। इसके बाद ग्रामीणों को पेयजल संबंधी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
जमीनी पानी का लेवल ऊपर आने के बाद गांव ऊण के जलघर में बने टैंकों के पानी की गुणवत्ता खराब है। इस पानी की आपूर्ति होने से ग्रामीणों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि लवणीय पानी को रसोईघर और पीने के काम में प्रयोग नहीं कर सकते। लंबे समय से वे पेयजल समस्या से त्रस्त हैं। वहीं, ग्रामीणों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभाग ने परियोजना तैयार की और मुख्यालय से बजट व स्वीकृति मिलने पर काम शुरू करवा दिया। संवाद
- कंक्रीट के बनेंगे टैंक
परियोजना के अनुसार, विभाग जलघर के टैंकों की पानी भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए आरसीसी टैंक बनवाएगा। वहीं गांव में खराब और जर्जर हो चुकी 7500 मीटर लंबी पेयजल लाइन भी बदली जाएगी। इसके बाद दूषित पेयजल आपूर्ति से भी ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
- 25 साल पुराना है जलघर
ऊण गांव के जलघर में लगभग 25 साल पहले बने भंडारण टैंक की क्षमता पहले जहां 42 बाई 42 मीटर थी। अब विभाग इसे तोड़कर आरसीसी टैंक बनवा रहा है। इसकी क्षमता 74 बाई 51 मीटर हेगी। एजेंसी ने बड़े रिजर्व टैंक निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं, दूसरा टैंक अब 64 बाई 58 मीटर का बनाया जाएगा।
- 0.5 एमएलडी का बनेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
जनस्वास्थ्य विभाग जहां जलघर में आरसीसी टैंक निर्माण का कार्य हर रहा है तो वहीं गांव में आपूर्ति से पहले नहरी पानी को उपचारित किया जाएगा। इसके लिए जलघर परिसर में 0.5 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा।
वर्सन:
ऊण गांव की पेयजल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। अप्रैल तक काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद ग्रामीणों को पेयजल समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-दीपक यादव, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग