चरखी दादरी। जिले के चार नए पशु चिकित्सालय पीडब्ल्यूडी ने पशुपालन विभाग को हैंडओवर कर दिए गए हैं। वहीं, पशुपालन विभाग की ओर से नवनिर्मित भवनों में चिकित्सा सुविधाएं शुरू कर दी गई हैं। इनके अलावा आठ पशु चिकित्सालयों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह काम अगले चार माह में पूरा होने की उम्मीद है। इससे जिले में पशु चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार हो सकेगा। हालांकि गांव कासनी, उण और रुदड़ोल में पशु ओषद्यालयों के निर्माण के लिए दो साल पहले तैयार किए गए प्रपोजल की फाइल रिजेक्ट हो चुकी है।
प्रत्येक नए पशु औषद्यालय पर 32 लाख 58 हजार रुपये और प्रत्येक पशु चिकित्सालय पर 35.83 लाख रुपये खर्च आता है। जिले में पशु चिकित्सालयों की लंबे समय से बदतर स्थिति बनी हुई रही है। खासकर भवनों की स्थिति खराब होने की वजह से ज्यादा परेशानी रही है। जिले में पशुओं की संख्या करीब 1.98 लाख है। यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है ऐसे में इन पशुओं को स्वास्थ्य के लिहाज उपचार के लिए सुविधाओं में विस्तार करने भी जरूरत बनी हुई है। शहर में बना पशु अस्पताल भी कई दशक पुराना है। इसके भवन में भी विस्तार करने की जरूरत है। अब जिला बन जाने पर शहर में जिला स्तर के पशु अस्पताल भवन की जरूरत है। अस्पताल भवन में सभी प्रकार के रोगों की जांच के लिए लैब व विशेषज्ञ की भी जरूरत बनी हुई है।
यहां बन रहे नए भवन -
सरकार कंडम पशु अस्पतालों के भवनों की दशा सुधारने की दशा में काम जरूर कर रही है। विभाग ने सन 2020 में गांव मिसरी, भांडवा, बाढड़ा, श्यामकलां सहित कई पशु अस्पतालों के भवन को कंडम घोषित किया था। अब इन भवनों का नए सिरे से निर्माण हो रहा है।
कई प्रोजेक्ट रिजेक्ट भी हुए -
सरकार ने 2018 में दो नए पशु औषद्यालय व तीन नए चिकित्सालय बनाए जाने के प्रपोजल तैयार करवाए थे। इसके तहत गांव कासनी में पशु औषद्यालय बनना था जो सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। इसी प्रकार गांव बडराई में पशु चिकित्सालय बनना था। अब यहां केवल डिस्पेंशनरी बन रही है। गांव ऊण में पशु औषद्यालय बनना था। यह प्रपोजल फाइल भी सरकार ने पिछले दिनों रिजेक्ट कर दिया है। गांव रूदड़ोल में पशु औषद्यालय निर्माण का प्रपोजल तैयार हुआ था, यह भी रिजेक्ट हो चुका है।
- इन गांवों के भवन किए हैंडओवर
अब जिला के गांव टिकान कलां, बलकरा, चरखी, डूडीवाला किशनपुरा में पशु अस्पताल भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। इन भवनों को पशुपालन विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है। इसी प्रकार बाढड़ा, श्यामकलां, भांडवा, गोपालवास, मिसरी, बड़राई, सांकरोड़ व बिरही कलां में पशु अस्पतालों के भवन निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। यह काम अगले चार माह में पूरा होने की उम्मीद है।
चार पशु अस्पताल भवन विभाग बनकर तैयार हो गए है। इनमें विभाग ने चिकित्सा सुविधाएं देनी शुरू कर दी हैं। इसी प्रकार आठ अस्पतालों के भवन का निर्माण अंतिम चरण में है।
- डॉ. जसवंत जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग।