चरखी दादरी। मानसून सीजन के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) टीम ने मंगलवार को जिले का दौरा किया। मेजर शहाबुद्दीन के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर जलभराव से राहत दिलाने के लिए किए गए प्रबंधों का निरीक्षण भी किया। इस टीम ने आपदा के समय की वैकल्पिक व्यवस्था भी जांची गई।
एनडीआरएफ की यह टीम गांव चरखी, साहुवास, बिरहीकलां, निमड़ी, बौंदकलां, रावलधी, मिर्च, मिसरी, कमोद, जयश्री और इमलोटा तक पहुंची। निरीक्षण के दौरान टीम ने बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया, जिनमें पंपों की स्थापना, उपकरणों की उपलब्धता और जल निकासी व्यवस्था शामिल रही।
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान ने बताया कि जिले के विभिन्न गांवों में 65 स्थायी फ्लड पंप और विभिन्न क्षमताओं के 103 वीटी पंप लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही इन सभी साइटों के और अन्य क्रिटिकल फ्लड साइटों के बिजली कनेक्शन के लिए बिजली निगम में आवेदन किए जा चुके हैं।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एनडीआरएफ की टीम को पंप स्थापित स्थल दिखाए। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रदीप, आशीष देशवाल समेत जेई पवन, शुभम, योगेश और रजनीश मौजूद रहे।
विधायक ने किया पानी की निकासी का दावा
चरखी दादरी। स्थानीय विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि शहर में जलभराव नहीं होगा। इस समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद आगामी दिनों में जलभराव से स्थायी छुटकारा मिल जाएगा। इसलिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जलभराव से निपटने के व्यापक प्रबंध कर निर्देश दिए गए हैं।विधायक सांगवान ने बताया कि रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कई जगह जलभराव की सूचना मिली है। इसलिए उन्होंने अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभाग की ओर से मंगलवार को लोहारू चौक पर टैंकरों से पानी निकलवाया गया है। कई स्थानों पर नई पाइपलाइनें डाली जा रहीं हैं। उनका प्रयास है कि सरकार की ओर से परियोजनाओं के लिए मंजूर बजट राशि से धरातल पर विकास करवाया जाए, ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।