चरखी दादरी। शहर के मुख्य मार्गों पर अनियंत्रित यातायात ने आमजन की मुसीबतें बढ़ाई दी है। विशेषकर भगवान परशुराम चौक से वाया सरदार झाडू सिंह चौक, आदर्श धर्मशाला होते हुए कबाड़ी मार्केट का मुख्य मार्ग अब जाम का दूसरा नाम बन चुका है। रोडवेज और निजी बसों की मनमानी से हर 10 मिनट में चक्का जाम हो जाता है। इससे न केवल दैनिक यात्री परेशान हैं बल्कि नागरिक अस्पताल जाने वाले गंभीर मरीजों की जान भी आफत में फंसी रहती है।
सायरन बजाती खड़ी रहती हैं एंबुलेंस
इस रूट पर स्थित अस्पतालों तक पहुंचने के लिए एंबुलेंस को घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस सायरन बजाती खड़ी रहती है लेकिन बीच सड़क पर बेतरतीब खड़ी बसों के कारण उन्हें इंच भर रास्ता भी नहीं मिल पाता। बस चालकों की यह संवेदनहीनता किसी भी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
बीच सड़क पर सवारियां उतारने से पैदल चलना भी दूभर
भगवान परशुराम चौक से कनीना, महेंद्रगढ़ और चिड़िया रूट पर चलने वाली बसों का इस मार्ग पर लगातार दबाव रहता है। इन तंग सड़कों पर बस चालक नियमों को ताक पर रखकर बीच सड़क पर ही सवारियां उतारने और चढ़ाने लगते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन के सख्त दावों के बावजूद धरातल पर इन चालकों पर कोई असर नहीं हो रहा है जिससे अब लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। दिनभर यहां वाहनों की लंबी कतारें नजर आती हैं।
आदेश की उड़ रहीं धज्जियां
जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के महाप्रबंधक द्वारा समय-समय पर आदेश जारी किए जाते हैं कि बसें केवल निर्धारित स्टैंड पर ही रुकेंगी और शहर के भीतर गति सीमा का पालन करेंगी। हालांकि धरातल पर इन आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली से आम जनता में भारी आक्रोश है।
रूट डायवर्ट करने की मांग
व्यापारी नेता सुरेश पांडवानियां, संदीप फोगाट, मुकेश जैन और संजय बंजारा ने बताया कि इस समस्या से दैनिक यात्री और स्थानीय व्यापारी बेहद परेशान हैं। यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि भगवान परशुराम चौक से सरदार झाडू सिंह चौक तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर, उनका रूट लोहारू चौक से महेंद्रगढ़ चौक होते हुए डायवर्ट किया जाए।
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हमने व्यस्त बाजारों और संबंधित क्षेत्रों से बसों का आवागमन बंद करने के लिए चालकों को सख्त निर्देश दिए हैं। अब यातायात पुलिस को ऐसे बस चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाने की जरूरत है। लापरवाही बरतने वाले चालकों के चालान होने पर वे स्वयं इसके जिम्मेदार होंगे। - नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज विभाग।