चरखी दादरी। ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल में दाखिला दिलाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने गत माह सर्वेक्षण किया था। इसके तहत 92 विद्यार्थी ऐसे मिले जो स्कूल छोड़कर घर बैठे थे। खास बात यह है कि इनमें से 49 को दोबारा से दाखिला दिलवा दिया गया है। ये सभी विद्यार्थी प्राइमरी, माध्यमिक और सीनियर सेकेंडरी विंग से हैं। राजकीय पाठशालाओं और स्कूलों में ही उन्हें दाखिला दिलाया गया है।
स्कूल से दोबारा जुड़ने वाले विद्यार्थियों में से 22 को समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग ने वीरवार को पाठ्य सामग्री वितरित की। जिला परियोजना समन्वयक जलधीर सिंह कलकल ने बताया कि पिछले माह एक विशेष अभियान चलाकर ड्राॅप आउट बच्चों का सर्वेक्षण किया गया था।
इसमें 92 बच्चे ऐसे पाए गए, जो कि स्कूल न जाकर अपने घर में थे। यह अभियान बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ी और क्रशर जोन में चलाया गया। इस दौरान 6 से 14 साल तक के 40 और 15 से 19 साल तक की आयु के 52 बच्चे ड्राॅप आउट मिले थे। इन सभी का विवरण एकत्रित कर पंचकूला शिक्षा निदेशालय को भिजवा गया।
बधवाना गेट प्राइमरी स्कूल में 22 ने लिया दाखिला
जलधीर कलकल ने बताया कि शहर के बधवाना गेट प्राइमरी स्कूल में भी 22 बच्चों का प्राथमिक कक्षाओं में दाखिला करवाया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत इन बच्चों को बैग, कॉपी, पेंसिल, किताबें आदि पाठ्य सामग्री बांटी गई। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सभी बच्चों को शिक्षित किया जाए और एक भी बालक अनपढ़ न रहे। इसी उद्देश्य से यह मुहिम चलाई गई है। पाठ्य सामग्री वितरण मुहिम में एपीसी बलवान सिंह, पूर्ण सिंह और सुनीता आदि शिक्षक मौजूद रहे।
- माता-पिता को प्रेरित करना रहा कारगर
जलधीर कलकल ने बताया कि स्कूल नहीं जा रहे बच्चों व उनके माता-पिता को समझा-बुझाकर पढ़ाई करवाने के लिए प्रेरित किया गया। यह प्रयास रंग लाया और विद्यार्थी स्कूल आने को जबकि अभिभावक भेजने को तैयार हो गए। जलधीर सिंह ने बताया कि यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।
गत माह विभाग ने ड्रॉप आउट बच्चों का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण किया था। उस दौरान 92 बच्चे ड्रॉप आउट मिले, जिनमें से 49 का दोबारा दाखिला करवा दिया है। उनका ब्योरा निदेशालय भी भेजा गया है। विभाग का प्रयास है कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
-कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी, चरखी दादरी