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मानसिक रूप से स्वस्थ होना होगा : डॉ. दिनेश

Wed, 23 Oct 2024 04:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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झोझूकलां/कादमा। आध्यात्मिक सशक्तीकरण से ही हम स्वस्थ और स्वच्छ समाज का निर्माण कर सकते हैं। यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा में स्वस्थ और स्वच्छ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तीकरण विषय पर आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम मनोज कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि रखे। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता आंतरिक रूप से जागृति पैदा करती है। यह हर व्यक्ति को इंसानियत सिखाती है। ध्यान मन की शांति की अचूक औषधि है। मुंबई से पधारे प्रो. ईवी गिरीश ने कहा कि ध्यान एक दवा का काम करती है जो हमें आंतरिक रूप से खुशी की खुराक देती हैं। स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ और स्वस्थ मन का होना बहुत जरूरी है। ब्रह्माकुमारी संस्थान में सिखाया जाने वाला राजयोग मन को स्वच्छ बनाने में अपना अहम योगदान देता है। उन्होंने कहा कि हमें हर कर्म, हर परिस्थिति में सदा मुस्कुराते हुए रहना चाहिए। यह आध्यात्मिक सशक्तीकरण से ही संभव है। झोझूकलां-कादमा की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था दुख रहित समाज की कल्पना करती है। माउंट आबू राजस्थान से पधारे समाज सेवा प्रभाग के मुख्यालय संयोजक ब्रह्माकुमार बीरेंद्र ने समाज सेवा प्रभाग की ओर से देश भर में की जा रही सेवाओं के बारे में बताया। केंद्रीय विश्वविद्यालय पाली से पधारे प्रो. डॉ. दिनेश चहल ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए हमें मानसिक रूप से स्वस्थ होना होगा, यह आध्यात्मिक सशक्तीकरण से ही संभव है। इस अवसर पर गुरुग्राम ओम शांति केंद्र से पधारे ब्रह्माकुमार दीपेश और विजय ने भी विचार रखे।
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मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की जरूरत : सुनीता
चरखी दादरी। गांव बिरोहड़ स्थित राजकीय महाविद्यालय में यूथ रेडक्रॉस की ओर से जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
इस दौरान मनोचिकित्सा नर्सिंग अधिकारी सुनीता और वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक धर्मेंद्र मुख्य अतिथि रहे। धर्मेंद्र ने कहा कि समाज के हर वर्ग के लिए टीबी और नशे से बचाव जरूरी है। सरकार की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। टीबी से ग्रस्त व्यक्ति को दवाइयां निशुल्क दी जा रहीं हैं। खान-पान के लिए 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
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मनोचिकित्सा नर्सिंग अधिकारी सुनीता ने कहा कि हर व्यक्ति तनाव में जी रहा है। इस जीवन शैली को बदलने के लिए उन्हें प्रातःकाल भ्रमण करने के साथ संतुलित आहार लेना चाहिए। सकारात्मक विचारों का आदान-प्रदान करना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमरदीप ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की जरूरत है। इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र सिंह, मंजू, डॉ. रीना, डॉ. नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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