छह दिन पूर्व सात हमलावरों की पिटाई से घायल युवक ने शुक्रवार को रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपने पुलिस पहुंची तो उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने से इंकार कर दिया। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। परिजन शव के साथ डीसी कैंप ऑफिस या लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करने तैयारी में थे। इस पर घिकाड़ा चौक पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बाद एसडीएम व डीएसपी मौके पर पहुंचे और सात हमलावरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वहीं परिजन एसटीएफ से घटना की जांच कराने की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस को दिए बयान में घिकाड़ा निवासी रमन ने बताया कि गत 14 जून की रात उसके ताऊ के बेटे संजय को एक युवक घर से बुलाकर ले गया था। वह भी उसके पीछे चला गया। रमन ने बताया कि वहां पहले से गाड़ी में बैठे युवक नीचे उतरे और संजय पर डंडों से हमला शुरू कर दिया। जब उसने बीच-बचाव का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसकी कनपटी पर पिस्तौल लगा दी। रमन ने बताया कि वह डर के मारे पीछे हट गया और हमलावर संजय को पीटते रहे। इसके बाद अन्य ग्रामीणों और परिजनों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गए। घायल संजय को सिविल अस्पताल ले जाया गया और वहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह संजय की मौत हो गई।
शाम करीब छह बजे परिजन और ग्रामीण एकत्र होकर घिकाड़ा चौक पर पहुंचे और वहां सड़क पर बैठ गए। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इंकार दिया। एसडीएम विरेंद्र सिंह मृतक के परिजनों को आश्वस्त करने पहुंचे लेकिन परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने और मामले की जांच एसटीएफ से कराने की मांग पूरी होने तक दाह-संस्कार करने से मना कर दिया। देर रात करीब आठ बजे तक प्रशासन मृतक के परिजनों को मनाने में जुटा हुआ था।
पुलिस ने सील किया घिकाड़ा चौक
मृतक के परिजनों ने शव लेकर डीसी कैंप ऑफिस या लघु सचिवालय पहुंचने की भी योजना बनाई थी। इसके मद्देनजर घिकाड़ा चौक पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। डीएसपी हेड क्वार्टर जोगेंद्र सिंह के अलावा डीएसपी राम सिंह भी वहां मौजूद रहे।
हमले के छह दिन बाद भी कार्रवाई न करने के आरोप
सरपंच सोमेश ने एसडीएम विरेंद्र सिंह को बताया कि हमला 14 जून की रात किया गया था और इसमें संजय गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसकी मौत के बाद तो पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है लेकिन घटना के छह दिन बीत जाने पर भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया।
ये रखीं पंचायत और ग्रामीणों ने मांगें
- सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो।
- दोषी को सजा मिले और निर्दोष पर कार्रवाई न हो।
- मामले की जांच एटीएफ को सौंपी जाए।
- मृतक के परिजनों को पुलिस सुरक्षा दी जाए।
हत्यारोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी हो जाएगी। पुलिस टीमों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं जिन्होंने दबिश देनी शुरू कर दी है।
- वीरेंद्र सिंह, एसडीएम, चरखी दादरी
इस संबंध में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- जोगेंद्र सिंह, डीएसपी हेड क्वार्टर