चरखी दादरी। पुराना शहर स्थित रामलीला कमेटी द्वारा लगभग 57 साल पहले नगर परिषद की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर बाद जेसीबी से ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। वहीं, रामलीला कमेटी पदाधिकारियों का कहना है कि एकाएक कमरे ढहाने से कमरों में रखा करीब दो लाख रुपये कीमत का सामान नष्ट हो गया। अगर उन्हें समय दिया जाता तो वो सामान बाहर निकलवा देते।
बता दें कि पुराना शहर स्थित शनि देव मंदिर के समीप करीब 57 साल पहले रामलीला कमेटी ने दो कमरों का निर्माण करवाया था। यहां कमेटी अपना जरूरी सामान रखती थी जबकि रामलीला मंचन के दौरान आने वाले मुख्य अतिथियों को भी यहां बैठाया जाता था।
वहीं, नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि ये कमरे श्यामसर तालाब के सुंदरीकरण में बाधा बने हुए थे। उन्होंने रामलीला कमेटी को कई बार इन्हें ढहाने का नोटिस भी दिया था, लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस रखी गई। इसके चलते शुक्रवार दोपहर को नगर परिषद के ईओ अभय यादव, एक्सईएन प्रवीन कुमार, एमई मुकेश कुमार व अन्य अधिकारी नियुक्त किए गए ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रवीन कुमार व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी की सहायता से दोनों कमरों को ढहा दिया।
- कार्रवाई से पहले सामान निकालने का नहीं दिया गया समय : उमेद प्रजापत
रामलीला कमेटी प्रधान उमेद सिंह प्रजापत ने बताया कि नगर परिषद ने 6 माह पहले नोटिस दिया था कि वो श्यामसर तालाब के पास बनाए गए कमरों को हटवा दें। शुक्रवार को उन्हें सूचना मिली कि टीम कमरे तोड़ने के लिए आई हुई है। उन्होंने सामान निकालने के लिए दो दिन का समय मांगा, लेकिन अधिकारियों ने ये मोहलत नहीं दी।
फोटो: 20 शनि देव मंदिर के पास अवैध कमरों को ढहाती जेसीबी। संवाद
फोटो: 21 कार्रवाई के दौरान मौजूद नगर परिषद के अधिकारी व पुलिस बल। संवाद