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Charkhi Dadri News: 25 लाख से बनाया गया एमआरएफ सेंटर बना शो-पीस

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चरखी दादरी। शहर में कचरा समायोजन की समस्या को खत्म करने के लिए 27 माह पहले पांच एकड़ जमीन पर बनाया गया एमआरएफ (मेटीरियल रिकवरी फेस्लिटी) सेंटर शो-पीस बनकर रह गया है। इसके निर्माण पर 25 लाख रुपये खर्च हुए थे, लेकिन ढाई साल बाद भी यह सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। आलम यह है कि यहां कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इतना ही नहीं कूड़े को अलग करने की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई है। ऐसे में अलग-अलग प्रकार का कचरा डालने के लिए बनाए गए पिट कचरे से ठसाठस भरे हैं।
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नगर परिषद की ओर से रानिया वाला जोहड़ डंपिंग प्वाइंट पर कचरे का निस्तारण किया जाता है। जनवरी 2021 में नगर परिषद ने शहर से एकत्र किए गए कचरे को पृथक करने के लिए रावलधी-दिल्ली बाईपास के समीप एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया था। एमआरएफ सेंटर बनाने का उद्देश्य डंपिंग यार्ड पर पहुंचने वाले कचरे की मात्रा कम करना था।
बता दें कि इस सेंटर का निर्माण पूरा हुए करीब ढाई साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नगर परिषद अधिकारी इससे आगे की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। इसके चलते यहां कचरा पृथक करने की प्रक्रिया बंद है। वहीं, सूत्रों के अनुसार रानिया वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड तक कचरे की गाड़ियां पहुंचने में दिक्कत आने पर मजबूरीवश कचरा सीधे एमआरएफ सेंटर पर भी डाला जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि 25 लाख की रकम खर्च करने के बाद भी अधिकारियों का एमआरएफ सेंटर की ओर ध्यान नहीं है। रविवार को संवाददाता ने यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। यहां अव्यवस्थाओं का आलम मिला जबकि कचरे की भरमार पाई गई।
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एमआरएफ सेंटर के निर्माण की ये थी योजना
नगर परिषद अधिकारियों की योजना थी कि डंपिंग यार्ड से पहले कचरा एमआरएफ सेंटर पर भेजा जाए। वहां कांच, प्लास्टिक, गत्ता, रबर और अन्य प्रकार के कचरे को पृथक कर अलग-अलग पिट में डाला जाए। यहां से दोबारा प्रयोग होने वाले कचरे का उठान करवाया जाना था, जबकि दोबारा काम न आने वाला कचरा डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का तर्क था कि एमआरएफ सेंटर बनने के बाद डंपिंग यार्ड तक आधा ही कचरा पहुंचेगा।




एमआरएफ सेंटर में एक कर्मचारी तैनात
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि एमआरएफ सेंटर में आठ पिट बनाए गए हैं। इसके अलावा यहां एक कर्मचारी भी नगर परिषद अधिकारियों ने तैनात कर रखा है। एमआरएफ सेंटर वर्किंग में नहीं होने से ये कर्मचारी दिनभर खाली बैठकर चला जाता है।

चार पिट में उगी झाड़ियां, चार में भरा कचरा
एमअरएफ सेंटर में गत्ता, कांच, प्लास्टिक, लकड़ी, धातु व ई-कचरा डालने के लिए अलग-अलग पिट बनाए हुए हैं। इनमें से चार पिट खाली हैं, जिनमें घास व झाड़ी उगी हुई हैं। वहीं, अन्य पिट में कचरे की भरमार है और इन्हें नियमित खाली नहीं किया जा रहा है।
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वर्जन::
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। अगर ऐसा है तो साेमवार को ही मैं निरीक्षण करूंगा। जल्द से जल्द एमआरअएफ सेंटर को वर्किंग में लाया जाएगा।
बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद

फोटो 22
रावलधी-दिल्ली बाईपास पर बनाया गया एमआरएफ सेंटर।
फोटो 23
एमआरएफ सेंटर में बदहाल पड़े पिट।
फोटो 24रख-रखाव के अभाव में एमआरएफ सेंटर में उगी झाड़ियां।
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