चरखी दादरी। कोहरे में गिर रहीं ओस की फुहारों से बिजली लाइनों में खराबी बढ़ गई है। आजकल खराबी की रोजाना 25 से अधिक शिकायतें मिल रहीं हैं। इस कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। खराबी के कारण बिजली गुल रहने पर उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम के कई दल सतर्क हैं। लाइन में खराबी आते ही खराबियों को सुधारा जा रहा है।
खासकर सुबह-शाम के समय तो हालात बेहद खराब हो रहे हैं। पूरे शहर में 24 घंटे में कई भागों में 25 से ज्यादा खराबी की शिकायतें मिल रहीं हैं। मुख्य लाइनें तक प्रभावित हो रहीं हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए कोहरे में खराबी ठीक करना भी मुश्किल कार्य बना है। ओस की टपकती फुहारों से इंसुलेटर पंक्चर होने लगे हैं। बार-बार ट्रिपिंग होने से पेयजल और अन्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं हैं। शहर में करीब 14,000 से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। इन्हें 1,300 बड़े और 860 छोटे बिजली ट्रांसफार्मर से आपूर्ति की जाती है।
पिछले एक सप्ताह से कोहरे की वजह से बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। ओस की बूंद तारों पर गिरने से केबल पर लगे इंसुलेटर पंक्चर होने लगे हैं। चीनी-मिट्टी का बना यह इंसुलेटर पंक्चर होने से बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है जिससे काफी क्षेत्र प्रभावित हो जाता है। इस खराबी को ठीक करने में समय भी ज्यादा लगता है। दूसरा इंसुलेटर लगाना पड़ता है। लाइन बंद करने का परमिट लेकर ठीक करने का काम किया जाता है। रात के समय खराबी आने पर तो और भी मुश्किल हो रही है।
- शहर में लगे हैं 860 लाल ट्रांसफार्मर
शहर के अधिकतर क्षेत्र में मोटे तार से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। करीब 860 छोटे लाल रंग के ट्रांसफार्मर से ये तार जुड़े हैं। एक ट्रांसफार्मर से करीब 20 घरों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहर में दो बिजलीघरों से आपूर्ति की जाती है। बिजली का लाइन लॉस शहर में करीब 21 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 50-55 प्रतिशत तक है।
- 24 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान
बिजली निगम का शहर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का प्रावधान है जबकि खराबी की वजह से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता। इससे नगर में पेयजल आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ता है। लोग घरों में बिजली चालित मोटर से ही पानी का उठान करते हैं। बिजली न होने पर पानी नहीं पहुंच पाता। आजकल रोज 20 से ज्यादा खराबी की शिकायतें मिल रहीं हैं। एक खराबी को ठीक किया जाता है तो दूसरी जगह से शिकायत मिल जाती है। कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। नगर के विभिन्न भागों और बाईपास आदि लगी यातायात की लाल बत्ती भी गुल हो गई हैं जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है।
कोहरे में ओस की बूंदों से लाइनों में खराबी की शिकायतें मिल रहीं हैं। खराबी वाला स्थल मिलते ही उसे ठीक करवा दिया जाता है। कर्मचारी लाइन ठीक करने में जुटे रहते हैं। - गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम, चरखी दादरी।